Ye sannata jo charo aur faila rakha hai…
Zikar kar do kis baat ki kami hai…🤔
Jism to kya rooh bhi girwi rakh denge teri khushi ki khatir…
Bas bata do in ankhon mein kis baat ki nami hai…❤️
ये सन्नाटा को चारों ओर फैला रखा है…
ज़िक्र कर दो किस बात की कमी है…🤔
जिस्म तो क्या रूह भी गिरवी रख देंगे तेरी खुशी की खातिर…
बस बता दो इन आंखो में किस बात की नमी है…❤️
उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .