
Ohnu chddna Na hun enna saukha e..!!
Jis mukam te aa gye haan ishq de vich
Hun piche mudna aukha e..!!

आओ मिलकर पेड़ लगाएं
पृथ्वी को हरा-भरा बनाए
पेड़ों के मीठे फल खाएं
फूलों की सुगंध फैलाएं
पेड़ों से छाया हम पाएं
चारों ओर प्राणवायु फैलाएं
मिट्टी को उपजाऊ बनाएं
भूजल स्तर को यह बढ़ाएं
बारिश का पानी ये ले आए
मिट्टी के कटाव को ये बचाएं
पक्षी इनपर अपना नीड़ बनाए
प्रदूषण से ये हमें बचाएं
जब पेड़ों से लाभ इतना पाएं
तो मनुष्य अपने स्वार्थ के लिए
इन पेड़ों को क्यूं सताए
इनके संरक्षण की कसम हम खाएं
आओ मिलकर पेड़ लगाएं
आओ मिलकर पेड़ लगाएं…
तरुण चौधरी
दिल का हाल चेहरे पर बयान कर दे, आंखें ऐसी होती हैं..
जिसे देखने को तरसती हैं, उसी को देख के रोती हैं..
प्यार हो अगर किसी से, तो थकने पर भी ना सोती हैं..
अपनी होकर भी किसी ओर के लिए रोदे, ये आंखें कितनी बेवफा होती हैं.❤️