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Salett ishq di || ishq shayari

ਮਿਟਿਆ ਸਲੇਟ ਇਸ਼ਕ ਦੀ ਤੇ ਨਾਂ
ਜਿਸ ਨਾਂ ਨੂੰ ਲੈਣ ਤੋਂ ਕਦੇ ਚਲਦੇ ਸੀ ਸ਼ਾਹ
ਹਰ ਇੱਕ ਖ਼ੁਆਬ ਓਹਦੇ ਅਗੈ ਫ਼ਿਕਾ ਸੀ
ਜਿਸ ਨਾਂ ਦਾ ਨਾਂ ਲੈਕੇ ਅਸੀਂ ਚਲੇ ਸੀ ਇਸ਼ਕ ਦੇ ਰਾਹ

ਆਸ਼ਕੀ ਕਿਤੀ ਓਹਦੇ ਲਈ ਜਿਦੇ ਨਾਲ ਪਿਆਰ ਸੀ
ਯਾਰ ਤਾਂ ਮਿਲਿਆਂ ਨੀ ਬੱਸ ਓਸਦੇ ਨਾਂ ਦਾ ਹੀ ਸਹਾਰ ਸੀ
ਜੋ ਸੋਚਿਆ ਹਰ ਇੱਕ ਖ਼ੁਆਬ ਟੁਟਿਆ ਮੇਰਾ
ਜੋ ਵੀ ਕਰਣੇ ਪੂਰੇ ਸਜਣਾ ਦੇ ਨਾਲ ਸੀ
ਏਹ ਮੁੱਕਣਾ ਨੀਂ ਓਹਨੂੰ ਪਾਉਂਣ ਦਾ ਚਾਹ
ਜਿਸ ਨਾਂ ਦਾ ਨਾਂ ਲੈਕੇ ਅਸੀਂ ਚਲੇ ਸੀ ਇਸ਼ਕ ਦੇ ਰਾਹ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ

Title: Salett ishq di || ishq shayari

Tags:

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


ऊँट की गर्दन || akbar story

अकबर बीरबल की हाज़िर जवाबी के बडे कायल थे। एक दिन दरबार में खुश होकर उन्होंने बीरबल को कुछ पुरस्कार देने की घोषणा की। लेकिन बहुत दिन गुजरने के बाद भी बीरबल को पुरस्कार की प्राप्त नहीं हुई। बीरबल बडी ही उलझन में थे कि महाराज को याद दिलायें तो कैसे?

एक दिन महारजा अकबर यमुना नदी के किनारे शाम की सैर पर निकले। बीरबल उनके साथ था। अकबर ने वहाँ एक ऊँट को घुमते देखा। अकबर ने बीरबल से पूछा, “बीरबल बताओ, ऊँट की गर्दन मुडी क्यों होती है”?

बीरबल ने सोचा महाराज को उनका वादा याद दिलाने का यह सही समय है। उन्होंने जवाब दिया – “महाराज यह ऊँट किसी से वादा करके भूल गया है, जिसके कारण ऊँट की गर्दन मुड गयी है। महाराज, कहते हैं कि जो भी अपना वादा भूल जाता है तो भगवान उनकी गर्दन ऊँट की तरह मोड देता है। यह एक तरह की सजा है।”

तभी अकबर को ध्यान आता है कि वो भी तो बीरबल से किया अपना एक वादा भूल गये हैं। उन्होंने बीरबल से जल्दी से महल में चलने के लिये कहा। और महल में पहुँचते ही सबसे पहले बीरबल को पुरस्कार की धनराशी उसे सौंप दी, और बोले मेरी गर्दन तो ऊँट की तरह नहीं मुडेगी बीरबल। और यह कहकर अकबर अपनी हँसी नहीं रोक पाए।

और इस तरह बीरबल ने अपनी चतुराई से बिना माँगे अपना पुरस्कार राजा से प्राप्त किया।

Title: ऊँट की गर्दन || akbar story


Dhoka Tera Yeh || Bewafa Hindi shayari in English

Hamdard bhi ab hai
Dard bn k reh geya
Chlna nahi ab ishq
Ki raho PE dhoka
Tera yeh keh geya

Title: Dhoka Tera Yeh || Bewafa Hindi shayari in English