
Tu door reh bhawein kol reh sanu tere bina koi hor nhi..!!

जब दिल में दबी उस चाहत को, उसकी यादों ने झिंझोड़ा है.. तब-तब मेरे आंसू बह निकले, जो दर्द हुआ क्या थोड़ा है..? जिस सख्स की खातिर घर - समाज, हर चीज को हमने छोड़ा है.. कैसे बताऊ ऐ दुनिया वालों, उसी सख्स ने दिल मेरा तोड़ा है.. मैं भूल उसे नहीं सकता अब, दिल बीच में बन गया रोड़ा है.. गुनेहगार तो मेरा ही दिल है, इसने ही उसे मुझसे जोड़ा है..
zindagi to apne hi dam pe zee jaati hai yaaro
kisi ke sahare se to janaze uthaa karte hai
ज़िन्दगी तो अपने ही दम पे जी जाती है यारों
किसी के सहारे से तो जनाज़े उठा करते हैं ..🤗