ए गुलाब अपनी खुशबू को
मेरे दोस्तों पर न्योछावर कर दे,
यह सर्दी के मौसम में
अक्सर नहाया नहीं करते।
Enjoy Every Movement of life!
ए गुलाब अपनी खुशबू को
मेरे दोस्तों पर न्योछावर कर दे,
यह सर्दी के मौसम में
अक्सर नहाया नहीं करते।
कुछ अधूरी ख्वाहिश बाकी है ।
जो किसी मजबूरी से बंधी है ।
अधूरी ख्वाहिश ख्वाब कि तरह बन गई है ।
ख्वाहिश को पाने की चाहत तो अभी बाकी है ।
