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Sardi ke mausam me || Hindi shayari

ए गुलाब अपनी खुशबू को

मेरे दोस्तों पर न्योछावर कर दे,

यह सर्दी के मौसम में

अक्सर नहाया नहीं करते।

Title: Sardi ke mausam me || Hindi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Hindi shayari || Ghazal by Rekhta Pataulvi

महर-ओ- वफ़ा की शमआ जलाते तो बात थी
इंसानियत का पास निभाते तो बात थी
जम्हूरियत की शान बढ़ाते तो बात थी
फ़िरक़ा परस्तियों को मिटाते तो बात थी
जिससे कि दूर होतीं कुदूरत की ज़ुल्मतें
ऐसा कोई चराग़ जलाते तो बात थी
जम्हूरियत का जश्न मुबारक तो है मगर
जम्हूरियत की जान बचाते तो बात थी
ज़रदार से यह हाथ मिलाना बजा मगर
नादार को गले से लगाते तो बात थी
बर्बाद होने का तो कोई ग़म नहीं मगर
अपना बनाके मुझको मिटाते तो बात थी
हिंदुस्तान की क़सम ऐ रेख़्ता हूँ ख़ुश
पर मुंसिफ़ी की बात बताते तो बात थी

Title: Hindi shayari || Ghazal by Rekhta Pataulvi


majabooriya thee unakee || bewafa shayari hindi

majabooriya thee unakee… aur juda ham hue,
tab bhee kahate hai vo… ki bevafa ham hue…

मजबूरिया थी उनकी… और जुदा हम हुए,
तब भी कहते है वो… कि बेवफ़ा हम हुए…

Title: majabooriya thee unakee || bewafa shayari hindi