ए गुलाब अपनी खुशबू को
मेरे दोस्तों पर न्योछावर कर दे,
यह सर्दी के मौसम में
अक्सर नहाया नहीं करते।
ए गुलाब अपनी खुशबू को
मेरे दोस्तों पर न्योछावर कर दे,
यह सर्दी के मौसम में
अक्सर नहाया नहीं करते।
dujheyaa wang gallan dil ch chhipayiaa na
taa hi taa gairaa diyaa chaala samj kade aayiaa na
ਦੂਜਿਆ ਵਾਂਗ ਗੱਲਾਂ ਕਦੀ ਦਿਲ ਚ ਛਿਪਾਈਆ ਨਾ..
ਤਾਂ ਹੀ ਤਾਂ ਗੈਰਾਂ ਦੀਆ ਚਾਲਾ ਸਮਝ ਕਦੇ ਆਈਆ ਨਾ..
किसी को रफ्ता-रफ्ता चाहा था , अब किश्तों में मरते हैं ।
कैसे कहें अपना हाल-ए-दिल , क्या बताएँ कि हम मोहब्बत करते हैं ।।
ईश्क की सौदेबाजी में , नीलाम हो गई चाहते मेरी ।
नफा-नुकसान के फासलों में , उम्मीद की गुंजाइश ढूँढा करते हैं ।।
ख्वाबों के शहर में , चाहत का एक ख्याल आया ।
कई जवाबों के बाद , संगीन एक सवाल आया ।।
रूखसत किया जिसे , जिसकी पसंद से हमने ।
वो जो शख्स था , मेरी कई इबादतों के बाद आया ।।❤️🍂