ए गुलाब अपनी खुशबू को
मेरे दोस्तों पर न्योछावर कर दे,
यह सर्दी के मौसम में
अक्सर नहाया नहीं करते।
Enjoy Every Movement of life!
ए गुलाब अपनी खुशबू को
मेरे दोस्तों पर न्योछावर कर दे,
यह सर्दी के मौसम में
अक्सर नहाया नहीं करते।

तुझे देखने की ख्वाहिश ले के घर से तो निकल पड़ता हूँ…
यही सोच के कि तू आज मिलेगी जरूर…
पर इस दिल को क्या पता है… कि तू उसे भूल चुकी हैं…
यूँ तो तेरा हर बार का मुस्कुराना इन
हवाओं और फिज़ाओ में बसा हैं…
ये हवा जब भी तुझे छूकर गुजरती है…
ना चाहते हुए भी तू याद आ ही जाती है।