मूक प्राणियों पर हमको तो,
तरस बहुत ही आता है।
इनकी देख दुर्दशा अपना,
सीना फटता जाता है।।
वन्य जीव जितने भी हैं,
सबका अस्तित्व बचाना है,
जंगल के जीवों के ऊपर,
दया हमें दिखलाना है।
वृक्ष अमूल्य धरोहर हैं,
इनकी रक्षा करना होगा।
जीवन जीने की खातिर,
वन को जीवित रखना होगा।
तनिक-क्षणिक लालच को,
अपने मन से दूर भगाना है।
धरती का सौन्दर्य धरा पर,
हमको वापिस लाना है।।
ki paya ishq ch
hanjuaa ton bgair
sajjan taa mileyaa ni
haasil ki kita dhokhe ton begair
ਕੀ ਪਾਯਾ ਇਸ਼ਕ ਚ
ਹੰਜੂਆ ਤੋਂ ਬਗੈਰ
ਸਜਣ ਤਾਂ ਮਿਲਿਆਂ ਨੀਂ
ਹਾਸਿਲ ਕੀ ਕਿਤਾ ਦੋਖੇ ਤੋਂ ਬਗੈਰ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷