God ne earth ko di hai itni
achhi beauty,
Sambhal ke rakhna hai
hamari duty,
God ne earth ko di hai itni
achhi beauty,
Sambhal ke rakhna hai
hamari duty,
माना तुम्हे हर बार देखता हूं,
हर बार पहली बार देखता हूं,
देखता हूं तुम्हे जब जुल्फें संवरती हो तुम,
उन जुल्फों को आइना बनके हर बार देखता हूं,
आंखो में रातें और सुर्खी में ग़ुलाब जैसे,
मेरे हाथ खाली जाम तुम्हारे होंठो में शराब जैसे,
जैसे हर बार तुम्हारा वो ख़्वाब देखता हूं,
तुम्हारे हाथों में मेरा दिया वो ग़ुलाब देखता हूं,
वक्त हो तो आना कभी इक हसरत बाकी है,
तुम्हे हर बार की तरह पहली बार देखना बाकी है...
आसान होगा शायद तुम्हारे लिए ये कहना,
प्यार की डोर में तुम्हें नहीं है बंधना,
हाल दरें हाल बेहाल इस दिल का हो रहा,
जो एक मुलाकात में तुम्हें अपना कह रहा ||