Enjoy Every Movement of life!
बेकार की बाते का बेवक्त में जिक्र कर लिया
हमने तेरे बाद तेरे नाम पे एक घर लिया
अब मै तन्हाई और तेरी यादे सब साथ रहती है
हमने एक दूसरे के साथ एडजस्ट कर लिया
तुझें कुछ भी न करना हैं,
मुझको दिवाना बनाने के लिए,
तेरी ये आंखों का काजल ही काफी है,
मेरी धड़कनों को बढ़ाने के लिए….
पाया तुझें तो सपने भी सच लगने लगे,
तुम अज़नबी से आज मेंरे अपने लगने लगे,
होता नहीं यकीन अपने खुद के किस्मत पर,
तुम मेरी धड़कन में कुछ इस तरह बसने लगे..
