
Baddal ban ke shaa jawi..!!
Ujdi sukki dil di zamin te
Sawan ban ke aa jawi..!!

Ohne hnjhu hi dene ne ohde larh laggeyan nu
Mohobbat apni da khaure dastooor bnaya e..!!
Galti usdi howe ja meri saza menu hi milegi
Ishq apne da ohne esa asool bnaya e..!!
ਉਹਨੇ ਹੰਝੂ ਹੀ ਦੇਣੇ ਨੇ ਲੜ ਲੱਗਿਆਂ ਨੂੰ
ਮੋਹੁੱਬਤ ਆਪਣੀ ਦਾ ਖੌਰੇ ਦਸਤੂਰ ਬਣਾਇਆ ਏ..!!
ਗ਼ਲਤੀ ਉਸਦੀ ਹੋਵੇ ਜਾਂ ਮੇਰੀ ਸਜ਼ਾ ਮੈਨੂੰ ਹੀ ਮਿਲੇਗੀ
ਇਸ਼ਕ ਆਪਣੇ ਦਾ ਉਹਨੇ ਐਸਾ ਅਸੂਲ ਬਣਾਇਆ ਏ..!!
मयकदे में बैठ कर जाम इश्क़ के पी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…
मोहब्बत भी कि, वफा भी रास आई,
थामा जब हाथ उसका तो जैसे ज़िन्दगी पास आई…
बंद आंखों में एहसासों को जी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…
इश्क़ दिल से किया कलम से दास्तां लिखा,
मै ज़मीन पर सही उसे आसमां लिखा,
कुछ बिखरे लम्हों को पलकों के धागों से सी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…
नजदीकियों का डर है, थोड़ा गुमराह हूं,
ना जाने धड़कने क्यों तेज़ है, मै भी तो हमराह हूं,
लग रहा है मै भवरा बन फूलों से खुशबू पी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…
सुबह कुछ दस्तक दी शाम को वो लम्हें चल दिए,
वक्त की बंदिशें थी हम भी उनके पीछे चल दिए…
अगली सुबह के इंतज़ार में वक्त का दरिया पी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों अब मै ख़्वाबों को जी रहा हूं…