स्कूल को अलविदा कहने से पहले
दोस्तों को यह बताना चाहता है,
यह आखिरी दिन सिर्फ
अपने दोस्तों के साथ बिताना चाहता हूँ.
स्कूल को अलविदा कहने से पहले
दोस्तों को यह बताना चाहता है,
यह आखिरी दिन सिर्फ
अपने दोस्तों के साथ बिताना चाहता हूँ.
Na aakhon me neend hai
Na dil me chain
Main saari raat jaga raha hoke bechain
Tujhme main kho jata hu
Tujhe main yaad karta hu
Bina dekhe tuze tarse ye nain
अकबर बादशाह को मजाक करने की आदत थी। एक दिन उन्होंने नगर के सेठों से कहा-
“आज से तुम लोगों को पहरेदारी करनी पड़ेगी।”
सुनकर सेठ घबरा गए और बीरबल के पास पहुँचकर अपनी फरियाद रखी।
बीरबल ने उन्हें हिम्मत बँधायी,
“तुम सब अपनी पगड़ियों को पैर में और पायजामों को सिर पर लपेटकर रात्रि के समय में नगर में चिल्ला-चिल्लाकर कहते फिरो, अब तो आन पड़ी है।”
उधर बादशाह भी भेष बदलकर नगर में गश्त लगाने निकले। सेठों का यह निराला स्वांग देखकर बादशाह पहले तो हँसे, फिर बोले-“यह सब क्या है ?”
सेठों के मुखिया ने कहा-
“जहाँपनाह, हम सेठ जन्म से गुड़ और तेल बेचने का काम सीखकर आए हैं, भला पहरेदीर क्या कर पाएँगे, अगर इतना ही जानते होते तो लोग हमें बनिया कहकर क्यों पुकारते?”
बादशाह अकबर बीरबल की चाल समझ गए और अपना हुक्म वापस ले लिया।