Asa shaddeya zamana tere kar ke
Yara tu sanu shad na jawi..!!
ਅਸਾਂ ਛੱਡਿਆ ਜ਼ਮਾਨਾ ਤੇਰੇ ਕਰ ਕੇ
ਯਾਰਾ ਤੂੰ ਸਾਨੂੰ ਛੱਡ ਨਾ ਜਾਵੀਂ..!!
Asa shaddeya zamana tere kar ke
Yara tu sanu shad na jawi..!!
ਅਸਾਂ ਛੱਡਿਆ ਜ਼ਮਾਨਾ ਤੇਰੇ ਕਰ ਕੇ
ਯਾਰਾ ਤੂੰ ਸਾਨੂੰ ਛੱਡ ਨਾ ਜਾਵੀਂ..!!
मूक प्राणियों पर हमको तो,
तरस बहुत ही आता है।
इनकी देख दुर्दशा अपना,
सीना फटता जाता है।।
वन्य जीव जितने भी हैं,
सबका अस्तित्व बचाना है,
जंगल के जीवों के ऊपर,
दया हमें दिखलाना है।
वृक्ष अमूल्य धरोहर हैं,
इनकी रक्षा करना होगा।
जीवन जीने की खातिर,
वन को जीवित रखना होगा।
तनिक-क्षणिक लालच को,
अपने मन से दूर भगाना है।
धरती का सौन्दर्य धरा पर,
हमको वापिस लाना है।।
इश्क की बाते न करो हमसे,
इश्क का भी हाल बेहाल हो गया है !!
किसी ज़माने में हुआ करता था इश्क खुदा,
आज वोही इश्क कमीना, निक्कमा और कमबख्त हो गया है !!