
Te apnona vi nahi
Waah! kesa pyar e tera..!!

मूक प्राणियों पर हमको तो,
तरस बहुत ही आता है।
इनकी देख दुर्दशा अपना,
सीना फटता जाता है।।
वन्य जीव जितने भी हैं,
सबका अस्तित्व बचाना है,
जंगल के जीवों के ऊपर,
दया हमें दिखलाना है।
वृक्ष अमूल्य धरोहर हैं,
इनकी रक्षा करना होगा।
जीवन जीने की खातिर,
वन को जीवित रखना होगा।
तनिक-क्षणिक लालच को,
अपने मन से दूर भगाना है।
धरती का सौन्दर्य धरा पर,
हमको वापिस लाना है।।
Log humse puchte he ki hum apko “aap” kehkar kyu pukarte he
Ab kya bataye unhe
“Tum” kehkar pukarna bhale hi khaas he
Lekin “aap” mein toh apnepan ka ehsaas he ❤
लोग हमसे पूछते हैं कि हम आपको “आप” कहकर क्यों पुकारते हैं
अब क्या बताएं उन्हें
“तुम” कहकर पुकारना भले ही खास है
लेकिन “आप” में तो अपनेपन का एहसास है ❤️