Shauk ta mere v sire de ne..
par jo mapeyaa da dil dukhawe
oh shauk rakhdi ni me
ਸ਼ੋਕ ਤਾ ਮੇਰੇ ਵੀ ਸਿਰੇ ਦੇ ਨੇ…
ਪਰ ਜੋ ਮਾਪਿਆਂ ਦਾ ਦਿਲ ਦੁੱਖਾਵੇ
ਉਹ ਸ਼ੋਕ Rakhdi ਨੀ ਮੈ..
Shauk ta mere v sire de ne..
par jo mapeyaa da dil dukhawe
oh shauk rakhdi ni me
ਸ਼ੋਕ ਤਾ ਮੇਰੇ ਵੀ ਸਿਰੇ ਦੇ ਨੇ…
ਪਰ ਜੋ ਮਾਪਿਆਂ ਦਾ ਦਿਲ ਦੁੱਖਾਵੇ
ਉਹ ਸ਼ੋਕ Rakhdi ਨੀ ਮੈ..
खत्म कर चुका खुद को अंदर से
बस बाहर से जालना बाकी है
भीड़ लगी है मजार पर गैरो की ,
बस अपनों का आना बाकी है
जीते जी सबको हसाया बहोत है ,
बस जाते – जाते सबको रुलाया बाकी है ।
याद करके उसे ,रोये बहोत है
जाते जाते उसे रुलाना बाकी है
खवाब देखे थे साथ के उसके कुछ
जाते हुये उन्हे दफनाना बाकी है ।
यू ना रुखसत करो विरानियत से
अभी मेरी अर्थी को सजाना बाकी है ,
यू तो गुजरा हु बहोत बार अंधेरों से
बीएस आखिरी दफा दिल्ल को जलाना बाकी है ।
आ भर लूं तुझे आंखों के प्यालों में,
कहीं और जाने दूं तो कैसे...
कोशिशें तो करता हूं हरपल,
आंखो में नमी आने दूं तो कैसे...
वो दौर भी इश्क़ का आकर
गुज़र गया इक लम्हा हो जैसे...
सिमट जाऊंगा सुलगती चंद लकड़ियों में
पर तेरे कानों तक ये बात जाने दूं तो कैसे...