Roz din ehi hisaab launde nikal janda e
Shayad sabh badal gya e
Nahi duniya hi badal gyi e
Ja shayad asi hi badal gye haan..!!
ਰੋਜ਼ ਦਿਨ ਇਹੀ ਹਿਸਾਬ ਲਾਉਂਦੇ ਨਿਕਲ ਜਾਂਦਾ ਏ
ਸ਼ਾਇਦ ਸਭ ਬਦਲ ਗਿਆ ਏ
ਨਹੀਂ ਦੁਨੀਆਂ ਹੀ ਬਦਲ ਗਈ ਏ
ਜਾਂ ਸ਼ਾਇਦ ਅਸੀਂ ਹੀ ਬਦਲ ਗਏ ਹਾਂ..!!
Roz din ehi hisaab launde nikal janda e
Shayad sabh badal gya e
Nahi duniya hi badal gyi e
Ja shayad asi hi badal gye haan..!!
ਰੋਜ਼ ਦਿਨ ਇਹੀ ਹਿਸਾਬ ਲਾਉਂਦੇ ਨਿਕਲ ਜਾਂਦਾ ਏ
ਸ਼ਾਇਦ ਸਭ ਬਦਲ ਗਿਆ ਏ
ਨਹੀਂ ਦੁਨੀਆਂ ਹੀ ਬਦਲ ਗਈ ਏ
ਜਾਂ ਸ਼ਾਇਦ ਅਸੀਂ ਹੀ ਬਦਲ ਗਏ ਹਾਂ..!!
Auna mere kol te stauna vi menu hi e😐
Khyalan tereyan nu na labbe🤷 na koi labbe mere bina..!!
Teri yaad to vanjha ho ke v chain na mile😇
Hoyi Fizool e meri zindagi fizool tere bina♥️..!!
ਆਉਣਾ ਮੇਰੇ ਕੋਲ ਤੇ ਸਤਾਉਣਾ ਵੀ ਮੈਨੂੰ ਹੀ ਏ😐
ਖ਼ਿਆਲਾਂ ਤੇਰਿਆਂ ਨੂੰ ਨਾ ਲੱਭੇ🤷 ਨਾ ਕੋਈ ਲੱਭੇ ਮੇਰੇ ਬਿਨਾਂ..!!
ਤੇਰੀ ਯਾਦ ਤੋਂ ਵਾਂਝਾ ਹੋ ਕੇ ਵੀ ਚੈਨ ਨਾ ਮਿਲੇ😇
ਹੋਈ ਫਿਜ਼ੂਲ ਏ ਮੇਰੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਫਿਜ਼ੂਲ ਤੇਰੇ ਬਿਨਾਂ♥️..!!
माता पिता का इस जगत में है सबसे ऊँचा दर्जा।
इसके लालन पालन को संतान चूका ना सके कर्जा।।
कर्ज इनके प्रेम का जीवन को खूब सँवारे।
बस चले तो बच्चों के लिए आसमां से तोड़ ले तारे।
तारों सा चमकीला बने उनके बच्चों का जीवन।
मानों इसलिए ही धरती पर माता पिता का हुआ जनम।।
बच्चों के जन्म से ही करते उनके लिए जीवन भर संघर्ष।
अपने बच्चों की खुशियों को ही समझे जीवन का उत्कर्ष।।
उत्कर्ष होता उनका जो संतान बने अच्छी इंसान।
पग पग मार्गदर्शन ऐसा जो देना सके भगवान।
भगवान समान माता पिता फिर भी क्यों खोते मान।
बुढ़ापे में अपने ही पुत्रों से झेलते अपमान।।
अपमान करे संतान का तो फट पड़ता कलेजा।
क्या इस दिन के लिए ही संतान को प्रेम से सहेजा।।
सहेजा संवारा क्या इसलिए कि बुढ़ापे में ना दे साथ।
संतान पे लुटाके धन आज बुढ़ापे में फैलाये हाथ।।
हाथ क्यों ना आते आगे आज माता पिता के लिए।
क्या झूठे दिखावे और चमक दमक ने तुम्हारे हाथ सीले।।
छोड़ो इस माया को सच्चे रिश्तों की करो कदर।
दुनिया में तुम्हारे लिए जीये सदा तुम्हारे फादर मदर।।