zindagi shayari
Imtihaan leti hai zindagi || zindagi shayari
Mana ki zindagi imtihaan leti hai kabhi khushiyan to kabhi gam deti hai kon tai krega manzil takk ka safar apna musafir bhi pehchan leti hai 🍂
माना कि ज़िंदगी इम्तिहान लेती है कभी खुशियां तो कभी गम देती है कौन तय करेगा मंज़िल तक का सफर अपना मुसाफिर भी पहचान लेती है 🍂
ज़िन्दगी जीना सीखा रही थी || life shayari
कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,
फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,
एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी
हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,
मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया
कमबख्त तूने,
वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले
तुझे जीना सिखा रही थी।

