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Poetry

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ਕਾਗਜ਼ ਦੇ ਪੰਨੇ ✍🏻

ਪੰਨਾਂ ਪੰਨੇ ਨਾਲ ਲੜੇ ਜੇ

ਤਾਂ ਇੱਕ ਦੂਜੇ ਤੋਂ ਅੱਖਰ ਵੀ ਖੋ ਸਕਦਾ

ਪੈਦਾ ਹੁੰਦਾ ਇਹ ਕਲਮ ਦੀ ਆਖਰੀ ਛੋਰ ਤੋਂ

ਜੇ ਇਹ ਚਾਹਵੇ ਏਵੀ ਤਾਂ ਰੋ ਸਕਦਾ

ਜੇ ਇਹ ਚਾਹਵੇ ਏਵੀ ਤਾਂ ਰੋ ਸਕਦਾ,

ਸ਼ਬਦ ਬਣਾਉਂਦਾ ਇੱਕ ਦੂਜੇ ਨਾਲ ਜੁੜ ਕੇ

ਮੁੱਹਬਤ ਜੋੜ ਕੇ ਤੋੜ ਏਵੀ ਸਕਦਾ

ਪੰਨਾਂ ਪੰਨੇ ਨਾਲ ਲੜੇ ਜੇ

ਤਾਂ ਇੱਕ ਦੂਜੇ ਤੋਂ ਅੱਖਰ ਵੀ ਖੋ ਸਕਦਾ

ਲੱਭਣਾ ਪੈਦਾ ਅੱਖਰਾਂ ਨੂੰ

ਐਵੀ ਹਰ ਕੋਈ ਤਾਂ ਨੀ ਅੱਖਰ ਪਰੋ ਸਕਦਾ

ਐਵੀ ਹਰ ਕੋਈ ਤਾਂ ਨੀ ਅੱਖਰ ਪਰੋ ਸਕਦਾ

                             ਜੋਤ ਲਿਖਾਰੀ✍🏻

Pyar koi jismo || Love is love

Pyar koi jismo ka khel ya sauda nhi

Yeh toh do dilo ka Milan hota Hai

Jahan do pyar krne wale ek Dono me yuhi khote Hai

Pyar me Kya Umar Kya dharam naahi gender matter krta

Ek ladke ladke se

Ek ladki ladki se v krte pyar

Pr in society waalo se yeh q darte hai

Pyar toh yaaro Dil se Kri jaati

Naaki jismo or paiso se

Pyar ko pyar nhi smjhte

Ghire pde hum waiso se

Hum toh yhi kehte Hai yaaro

Jio toh khulke Jio ek bar Ki yeh jiban

Kya society Kya yeh Duniya

Darna Ni Kabhi kisi se

Aage Bdo khud K liye lado

Ladka ladka ho ya fir ladki ladki

Ek duje K sath hamesha rho

Or pyar pyar hota

naahi jismo or gender ka khel Duniya ko yeh kho

Suneri Bachpan😇

Sb Cheez ka ek wakt hota hai😕

Bachpan ko hi Lelo 🤪

Kya dukh Kya dard 🫣

Sb side pe bs dosto sang khelo🤗

Maasum woh bacche jisne Kabhi kuch na jhela🤓

Unke liye toh hota Har ek din

Khusiyon ka Mela😇

Or baap Ki Jeb Puri bazar 🤪

Or maa Ki kitchen koi Khano ka thela🍗🍔🍟🌭

Woh laamhe woh pal v Anmol hote 😊

Jab koi daat v de toh maa K Godi me jaake rote🥲🥹

Or woh raate v bdi anokhi bin Kahaani sune Kabhi na sote😊

Krte msti Majak or shaitaniya🫣😅

Phir v Masum ban rote🥹

Or un Bdo ka kehna chordo inko

Chlne do bacche toh aise hi hote🫡🤓

Wakt ne wakt hi bdl Diya😢

Ab toh bs yeh Soch K sote kat jaati raate😕

Kash woh Bachpan k wakt firse Laut aate

Maut ek sacchai

Hasi Majak msti toh krte❤️

Pr jara rehna chahiye bachke🤗

Jiban Mili toh maut v milegi❤️

Yhi ek sach Hai😕😇

Aate Hai rote hue pr sbko hasate😢

Pr jaate bin labzo K sbko rulake😕

Jab tak Hai saanse acche Karam kro yaaro🤗

Q Ki maut Kabhi na aati Apne pass bulake🫤

Haste hasao sbnu yaaro😇🤗

Warna rooh v kaap uthegi😵

maut lejayegi tmko rulake😢

Ajeeb h yeh jiban v🙄

Ek paal ko aate rote chillate😖

Pr khtm v wohi kr dete🫡

Kabhi na uthne wale neend me sulake🥱

Aaye hai yaaro toh Karam kro❤️

Kabhi na Jana kisi ko rulake😇

Q Ki maut Kabhi na aati tmko bulake😊

Jeevan me weh tha || जो बीत गई

जीवन में वह था एक कुसुम,
थे उस पर नित्य निछावर तुम,
वह सूख गया तो सूख गया;
मधुवन की छाती को देखो,
सूखीं कितनी इसकी कलियाँ,
मुरझाईं कितनी वल्लरियाँ जो
मुरझाईं फिर कहाँ खिलीं;
पर बोलो सूखे फूलों पर
 कब मधुवन शोर मचाता है;
जो बीत गई सो बात गई!

जीवन में मधु का प्याला था,
तुमने तन-मन दे डाला था,
वह टूट गया तो टूट गया;
मदिरालय का आँगन देखो,
कितने प्याले हिल जाते हैं,
गिर मिट्टी में मिल जाते हैं,
जो गिरते हैं कब उठते हैं;
पर बोलो टूटे प्यालों पर
कब मदिरालय पछताता है!
जो बीत गई सो बात गई!     

मृदु मिट्टी के हैं बने हुए,
मधुघट फूटा ही करते हैं,
लघु जीवन लेकर आए हैं,
प्याले टूटा ही करते हैं,
फिर भी मदिरालय के अंदर
मधु के घट हैं, मधुप्याले हैं,
जो मादकता के मारे हैं
वे मधु लूटा ही करते हैं;
वह कच्चा पीने वाला है
जिसकी ममता घट-प्यालों पर,
जो सच्चे मधु से जला हुआ
कब रोता है, चिल्लाता है!
जो बीत गई सो बात गई!

 

Bengali poetry || Teachers Day

শিক্ষকের দিনে শ্রদ্ধা জানাই, উন্নতির পথে আমাদের পাঠানো আপাত। শিক্ষণের আলোর দ্বারে আমরা হাত ধরে, সহজে প্রবেশ করি জ্ঞানের সত্যের পাতা।

শিক্ষক, তুমি সে আলোর চাঁদ, যা আমাদের জীবনে ফুলতে দেয় সব প্রকারের জ্ঞান। তোমার আগ্রহ ও দিক্ষা বিশেষ, শিক্ষার পথে আমাদের নয়ন করে নতুন আলোর খাঁজ।

শিক্ষক, তুমি শিক্ষার দূত, পরমেশ্বরের দিকে আমাদের নেয় স্বপ্নের বুক। তোমার উপদেশে আমরা চলে যাই, জীবনে দিন গুনে সব পথে সম্প্রসারণের স্বপ্ন আলোকিত রাখি।

শিক্ষকের দিনে এই শ্রদ্ধাঞ্জলি, তোমাদের সম্মানে উঠল আমার স্বরণ কমল। আমরা সদাই স্মরণ করব তোমাদের বিশেষ, শিক্ষকের মহিমা, তোমার কাছে আমরা নেই সীমিত।

শিক্ষকের দিনে শ্রদ্ধা জানাই, শিক্ষকদের প্রতি আমাদের বেশী ভালোবাসা ও আদর। তোমাদের কাছে আমরা নেই কিছুই চাই, শুধু আমাদের ধন্যতা ও শ্রদ্ধা তোমাদের সঙ্গে আমরা শেয়ার করি পুরো সদ্যক্ষণে।

শিক্ষক, তুমি আমাদের জীবনের আলো, তোমাদের শৃঙ্গে আমরা উপাসনা করি সব সময়। শিক্ষকের দিনে এই শ্রদ্ধাঞ্জলি, শিক্ষকদের জন্য প্রেম ও শ্রদ্ধা প্রকাশ করি আমরা এই কবিতা বানাইয়েছি পূর্ণ শ্রদ্ধাঞ্জলি।

Khud se khud hi hai || Sad life

Najane khudse khud hi q Hai khafa

Jeene Ki umeede chod di kitni dafa

Apne sb ho rhe yaha bewafa

Maut se v yeh guzarish Ah jaa tu ek dafa

Raate kitne kaat te khayalaato me

Dekhte bin  soye  sapne hum kitne

Chot itne she Hai ab tak Ki she Ni honge kisi ne v utne

Har gum ko dabalete U Ki koi gum hi Ni

Zinda toh h fir v lgta khud me zinda toh hum v ni

Hai yeh Jahan or Apne saare

Fir v hum toh U baithe haare  haare

Bdi khubsurat h Teri Kripa

Uparwale waah re

Jungle human poetry || वन्य जीव और संरक्षण

वन्य जीवों का पता लगाओ ,
सब मिलकर राष्ट्रीय “पशु ” बाघ बचाओ ।
जंगलो को कटने से बचायें ,
जंगल जा -जाकर बाघों का पता लगायें ।
अब पूरे भारत में चौदह सौ ग्यारह बाघ बचे हैं ,
उनमें से आधे तो अभी बच्चे हैं ।
उन्हें बचाने के खातिर जंगल न काटें ,
जगह -जगह पेड़ लगाने के लिए लोगों को बाटें ।
राष्ट्रीय पशु “बाघ” हम सब को बचना है ,
जंगलों को हरा-भरा और बनाना है ।                        रहता वन में और हमारे,
संग-साथ भी रहता है ।
यह गजराज तस्करों के,
ज़ालिम-ज़ुल्मों को सहता है ।।

समझदार है, सीधा भी है,
काम हमारे आता है ।
सरकस के कोड़े खाकर,
नूतन करतब दिखलाता है ।।

मूक प्राणियों पर हमको तो,
तरस बहुत ही आता है ।
इनकी देख दुर्दशा अपना,
सीना फटता जाता है ।।

वन्य जीव जितने भी हैं,
सबका अस्तित्व बचाना है,
जंगल के जीवों के ऊपर,
दया हमें दिखलाना है ।

वृक्ष अमूल्य धरोहर हैं,
इनकी रक्षा करना होगा ।
जीवन जीने की खातिर,
वन को जीवित रखना होगा ।।

तनिक-क्षणिक लालच को,
अपने मन से दूर भगाना है ।
धरती का सौन्दर्य धरा पर,
हमको वापिस लाना है ।।