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Shukar guzaar hu tera || love and friend shayari hindi

Shukar guzar hu tera dost, jo tum meri zindagi mai aaye
Na jane hum kahan kho gaye the, tum hi toh muskurahat le aye

Title: Shukar guzaar hu tera || love and friend shayari hindi

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


धरती सारी

दरवाज़ा किसी के जीवन में

ख़ुद को समझ लें

उस ग़ुरूर से बचाना ईश्वर

कि बंद करने को

कुछ रहे पास

दीवार ही सही

कमर टिकाई हो जिस पर

कभी किसी कमज़ोर पल

उस पर थूक सकने की

जहालत से भी बचाना

पर वह साहस ज़रूर देना

जो मुँह से बाहर निकलते दिल को पकड़ सके

सँभाल सके और कह सके

कि जो पाया उसे लौटाने से ज़्यादा ज़रूरी है

उस भूमिका को सँभालना जो हम निभाते हैं

अपने या किसी और के जीवन में

माफ़ कर सकें उनसे ज़्यादा खुद को

याद रख सकें बस इतना

कि विश्व के सबसे अलोकप्रिय लोगों ने बख़्शी जान हमें

उन्हें सबने नज़रंदाज़ किया

उनके पैरों में सारे आँसू वार दें

उनकी हथेली में बिखेर सकें सारी हँसी

जब कह देना ही सब कुछ हो

चुप रह सकें उस वक़्त

कड़वी बात को यूँ ज़ब्त कर लें

नाख़ूनों में भर लें

खुरचकर धरती सारी।

Title: धरती सारी


Kiski dadhi ki aag || akbar birbal kahani

बादशाह अकबर की यह आदत थी कि वह अपने दरबारियों से तरह-तरह के प्रश्न किया करते थे। एक दिन बादशाह ने दरबारियों से प्रश्न किया, “अगर सबकी दाढी में आग लग जाए, जिसमें मैं भी शामिल हूं तो पहले आप किसकी दाढी की आग बुझायेंगे?”

“हुजूर की दाढी की” सभी सभासद एक साथ बोल पड़े।

मगर बीरबल ने कहा – “हुजूर, सबसे पहले मैं अपनी दाढी की आग बुझाऊंगा, फिर किसी और की दाढी की ओर देखूंगा।”

बीरबल के उत्तर से बादशाह बहुत खुश हुए और बोले- “मुझे खुश करने के उद्देश्य से आप सब लोग झूठ बोल रहे थे। सच बात तो यह है कि हर आदमी पहले अपने बारे में सोचता है।”

Title: Kiski dadhi ki aag || akbar birbal kahani