Shukar guzar hu tera dost, jo tum meri zindagi mai aaye
Na jane hum kahan kho gaye the, tum hi toh muskurahat le aye
Shukar guzar hu tera dost, jo tum meri zindagi mai aaye
Na jane hum kahan kho gaye the, tum hi toh muskurahat le aye
देखा है दुनिया का दस्तूर उसने,
वो किसी की भी सुनता नहीं है...
लगा देता है अदालत चलती राहों में,
उसके दुश्मन भी चुनता वहीं है...
सही है ?
क्या दुनिया से नज़रें मिला कर चलना,
जीना है आज तो रास्ता बस यही है...
छोड़ आया था दोस्तों का काफिला पीछे, मुड़ कर देखा तो सारे दुश्मन वहीं है...
Har koi mera ho jaye esi meri takdeer nhi
Mein vo sheesha hun jismein koi tasveer nhi😑
Mujhe bhi koi yaad kare kya mein itna bhi khushnaseeb nahi😔
हर कोई मेरा हो जाए ऐसी मेरी तक़दीर नही
मैं वो शीशा हूँ जिसमे कोई तस्वीर नही😑
दर्द से रिश्ता है मेरा खुशियाँ मुझे नसीब नही
मुझे भी कोई याद करे क्या मैं इतना भी खुशनसीब नही😔