Ohdi muhobat da silsila v ajeeb c
aapna vi na banayea ohne
te kise gair da v nai haun dita
ਉਹਦੀ ਮੁਹੋਬਤ ਦਾ ਸਿਲਸਿਲਾ ਵੀ ਅਜ਼ੀਬ ਸੀ
ਆਪਣਾ ਵੀ ਨਾ ਬਣਾਇਆ ਉਹਨੇ
ਤੇ ਕਿਸੇ ਗੈਰ ਦਾ ਵੀ ਨੀ ਹੌਣ ਦਿੱਤਾ
Ohdi muhobat da silsila v ajeeb c
aapna vi na banayea ohne
te kise gair da v nai haun dita
ਉਹਦੀ ਮੁਹੋਬਤ ਦਾ ਸਿਲਸਿਲਾ ਵੀ ਅਜ਼ੀਬ ਸੀ
ਆਪਣਾ ਵੀ ਨਾ ਬਣਾਇਆ ਉਹਨੇ
ਤੇ ਕਿਸੇ ਗੈਰ ਦਾ ਵੀ ਨੀ ਹੌਣ ਦਿੱਤਾ
कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,
फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,
एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी
हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,
मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया
कमबख्त तूने,
वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले
तुझे जीना सिखा रही थी।
Na sochiyega
Kabhi aapki fikar krenge kisi se aapka zikar krenge zikar kya juban par naam nhi ykeen maniye isse badhkar koi intkaam nhi
न सोचिएगा
कभी आप की फिक्र करेंगे किसी से आपका ज़िक्र करेंगे ज़िक्र क्या जुबां पर नाम नही यकीन मानिए इस से बढ़ कर इंतकाम नही