narazgi teri|sad shayari
Jarh to ukhaad gyi khushiya meri..
Sohneya mere narazgi teri..!!

हजार बार माफ किया तुमने एक आखिरी दफा भी कर दो ना
दिल वीरान हो गया है तेरे जाने से एसे भर दो ना
तेरी खामोशिया पल-पल मारेगी मुझे
अपना समझ ही फिर अपना कर दो ना
लाख बुरा हूँ चाहे मैं
पर हूँ तो तेरा समझो ना ….. एक आखिरी दफा माफ करो दो ना ।
तुझसे दूर जाऊ भी तो जाऊ कैसे टूजसे मेरी रूह जुड़ गयी है
तुझे नाराज करके मेरी रूह मेरे जिस्म से उड़ गयी है ,
अपने गले लगा के कह दे की तू मेरी है
तुझे फिर देखने को मेरी आँख तरस गयी है ।
ਨਾਮ ਤੇ ਲਿਖਿਆ ਐ ਬਾਹਾ ਤੇ ਨਹੀਂ
ਜਿਂਨਾ ਤੇਰੇ ਤੇ ਯਕੀਨ ਹੈ ਉਨਾ ਸਾਹਾ ਤੇ ਨਹੀਂ …♥️🧿
Naam te likhya aa Bahaa te ne
Jinna tere te ykin h unha Saha te nhi…♥️🧿