narazgi teri|sad shayari
Jarh to ukhaad gyi khushiya meri..
Sohneya mere narazgi teri..!!

मेरी ज़िन्दगी के जो पल तूने छीने है
याद रखना तुझको भी वही जीने है।।
लेना देना रस्मे नाते ये चलेंगे जीवनभर
पर तेरे लिए प्यार ना बचा अब रत्तीभर।।
अपने हर पल को जीया मेरे से पहले तूने
बारी मेरी आयी तो दिया प्यार का जहर तूने।।
समझ मुझे अब आने लगा है खेल तेरा
जरूरत को तूने अपनी बताया प्यार मेरा।।
मेरी मासूमियत का ये जो फायदा उठाया है
भोली सी ‘गुड़िया’ को प्यार में जलाया है।।
सच्चा प्यार था तेरा तो बचा अब कुछ क्यो नही
एक दिल की आह को दिल से लगाया क्यो नही।।
दिल मेरा आज जो ये रोता है ना
सब्र का एक घुट रोज पीता है ना।।
बदल जाएगी अब ये जिंदगी भी मेरी
जहां अब जगह ना होगी इसमे तेरी।।।
ਤੇਰੇ ਪਿਆਰ ਵਿੱਚ
ਅਸੀ ਮੌਜਾ ਬੜੀਆ ਨੇ ਮਾਣੀਆ
ਹਰ ਦੁੱਖ ਸੁੱਖ ਵਿੱਚ
ਮੇਰਾ ਸਾਥ ਦੇਈ ਹਾਣੀਆ
ਇੱਕ ਤੂੰ ਏ ਸਾਡਾ
ਜਿਹਨੇ ਦਿਲ ਦੀਆਂ ਜਾਣੀਆ
ਸੱਚੇ ਪਿਆਰ ਦੀਆਂ ਪ੍ਰੀਤ
ਅਮਰ ਹੁੰਦੀਆਂ ਕਹਾਣੀਆਂ
ਭਾਈ ਰੂਪਾ