जमीन जल चुकी है आसमान बाकी है
वो जो खेतों की मेड़ो पर उदास बैठे हैं
उन्हीं की आंखों में अबतक ईमान बाकी है
बादलों अब तो बरस जाओ सूखी जमीनों पर
किसी का घर गिरवी है और किसी का लगान बाकी है
Enjoy Every Movement of life!
जमीन जल चुकी है आसमान बाकी है
वो जो खेतों की मेड़ो पर उदास बैठे हैं
उन्हीं की आंखों में अबतक ईमान बाकी है
बादलों अब तो बरस जाओ सूखी जमीनों पर
किसी का घर गिरवी है और किसी का लगान बाकी है
याद
क्या है याद?
कुछ बातें
कुछ मुलाकातें
अलबम में रखी तस्वीरें
ज़हन में घूमती तकरीरें
बारिशों में प्यास
शाम करें उदास
नींद का ख़्वाब
या फिर मिलने की फ़रियाद
क्या है याद??
Zindagi Se badi Koi saza hi nahi ….
Mera jurm kya hai mujhe pata hi nahi …
Mai itne hisson me bant chuka hu …
Ke mere Hisse me Kuch bacha hi nahi …
जिंदगी से बड़ी कोई सजा ही नही …
मेरा जुर्म क्या है मुझे पता ही नही …
मैं इतने हिस्सों में बंट चुका हूं ….
के मेरे हिस्से में कुछ बचा ही नहीं ….