जमीन जल चुकी है आसमान बाकी है
वो जो खेतों की मेड़ो पर उदास बैठे हैं
उन्हीं की आंखों में अबतक ईमान बाकी है
बादलों अब तो बरस जाओ सूखी जमीनों पर
किसी का घर गिरवी है और किसी का लगान बाकी है
जमीन जल चुकी है आसमान बाकी है
वो जो खेतों की मेड़ो पर उदास बैठे हैं
उन्हीं की आंखों में अबतक ईमान बाकी है
बादलों अब तो बरस जाओ सूखी जमीनों पर
किसी का घर गिरवी है और किसी का लगान बाकी है
Chal rha to chal………na piche dekh ruk matt…
na khud ko rok…. bs age bdne ki soch…
pathar atte hai zindagi mai….taraash unko or heera bnn
Chal rha to chal..na piche dekh…
safr bhut hai ..mazil ab ..door..
na piche dekh …chal rha h to chal.. na piche dekh…
Vo daur gaya janab
Jab hum titliyon ke piche Bhaga karte the
Upar udne ki khwahish hai
Sabhi pankh tarashne mein lage hain..✨
वो दौर गया जनाब,
जब हम तितलियों के पीछे भागा करते थे,
ऊपर उड़ने की ख़्वाहिश है
सभी पंख तराशने में लगे हैं… ✨