जमीन जल चुकी है आसमान बाकी है
वो जो खेतों की मेड़ो पर उदास बैठे हैं
उन्हीं की आंखों में अबतक ईमान बाकी है
बादलों अब तो बरस जाओ सूखी जमीनों पर
किसी का घर गिरवी है और किसी का लगान बाकी है
जमीन जल चुकी है आसमान बाकी है
वो जो खेतों की मेड़ो पर उदास बैठे हैं
उन्हीं की आंखों में अबतक ईमान बाकी है
बादलों अब तो बरस जाओ सूखी जमीनों पर
किसी का घर गिरवी है और किसी का लगान बाकी है
ना हो मुझ पर इतना मेहरबान
तुम्हारी सारी चालाकियां जानता हूं मैं
यह जो आये हो मेरे पास तुम चेहरा बदल कर
तुमसे मोहब्बत की थी कभी तुम्हे अच्छी तरह पहेचानता हूं मैं
हो गई होगी मोहब्बत तुम्हें राकिब के साथ
इतना तोह जानता हूं मैं
-ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
Khamoshiyan kabhi bewajah nahi hoti
Kuch dard ese bhi hote hai jo awaz cheen lete hain💔
खामोशियां कभी बेवजह नहीं होती
कुछ दर्द ऐसे भी होते है जो आवाज़ छीन लेते हैं💔