जमीन जल चुकी है आसमान बाकी है
वो जो खेतों की मेड़ो पर उदास बैठे हैं
उन्हीं की आंखों में अबतक ईमान बाकी है
बादलों अब तो बरस जाओ सूखी जमीनों पर
किसी का घर गिरवी है और किसी का लगान बाकी है
जमीन जल चुकी है आसमान बाकी है
वो जो खेतों की मेड़ो पर उदास बैठे हैं
उन्हीं की आंखों में अबतक ईमान बाकी है
बादलों अब तो बरस जाओ सूखी जमीनों पर
किसी का घर गिरवी है और किसी का लगान बाकी है
Kadd diyaangi oh v
Jehda tere dil vich vehm aa
puchh ke dekh aapne yaaran nu
oh v teri jatti de fan aa
ਕੱਢ ਦਿਆਂਗੀ ਉਹ ਵੀ,
ਜਿਹੜਾ ਤੇਰੇ ਦਿਲ ਵਿਚ “ਵਹਿਮ” ਆ…
ਪੁੱਛ ਕੇ ਦੇਖ ਆਪਣੇ “YaaRan” ਨੂੰ ,
ਉਹ ਵੀ ਤੇਰੀ Jatti ਦੇ Fan ਆ..
Aksar Hum Apni Raat Yun Barbaad Karte Hain
Baith Ke Kisi Kone Me Unko Yaad Karte Hain
Unke Wapis Aane Ki Ummid Toh Chhod Di Kab Ki
Phir Bhi Na Jane Kyu Hum Apna Waqt Barbaad Karte Hain