जमीन जल चुकी है आसमान बाकी है
वो जो खेतों की मेड़ो पर उदास बैठे हैं
उन्हीं की आंखों में अबतक ईमान बाकी है
बादलों अब तो बरस जाओ सूखी जमीनों पर
किसी का घर गिरवी है और किसी का लगान बाकी है
जमीन जल चुकी है आसमान बाकी है
वो जो खेतों की मेड़ो पर उदास बैठे हैं
उन्हीं की आंखों में अबतक ईमान बाकी है
बादलों अब तो बरस जाओ सूखी जमीनों पर
किसी का घर गिरवी है और किसी का लगान बाकी है
ohnu yaad karna me chhad dita
dil mera eh kehnda rehnda
par fir v
shayari ohde te eh likhda rehnda
ਉਹਨੂੰ ਯਾਦ ਕਰਨਾ ਮੇ ਛੱਡ ਦਿੱਤਾ
ਦਿਲ ਮੇਰਾ ਇਹ ਕਹਿੰਦਾ ਰਹਿੰਦਾ
ਪਰ ਫਿਰ ਵੀ
ਸ਼ਾਇਰੀ ਉਹਦੇ ਤੇ ਏ ਲਿਖਦਾ ਰਹਿੰਦਾ
pattharon se pyaar kiya naadaan the ham,
galatee huee kyoki insaan the ham,
aaj jinhen nazaren milaane mein takaleeph hotee hain,
kabhee usee shakhs kee jaan the ham…
पत्थरों से प्यार किया नादान थे हम,
गलती हुई क्योकि इंशान थे हम,
आज जिन्हें नज़रें मिलाने में तकलीफ होती हैं,
कभी उसी शख्स की जान थे हम…