
Khuab udde asmani mere dhool ban ke..!!
Baki reha na kuj mere andar hun bas
Teri yaad seene khubh gayi e sool ban ke..!!
Enjoy Every Movement of life!

रोशनी भरी थी राहें मेरी, जाने कब अंधेरी हो गई..
मंजिल की तलाश में राहों से यारी, और भी गहरी हो गई..
जिन मंजिलों से लेना-देना ना था, वो बदली और मेरी हो गई..
गैर मंजिलों को इतना वक्त दिया के, खुद मंजिल मेरी खो गई..
खैर कोशिशों में कोई कमी ना थी, जो नाकाम मेरी हो गई..
मेरी मंजिल की तलाश अब भी जारी है, भले क्यूं ना देरी हो गई..
भले क्यूं ना देरी हो गई..
