Ohh majbor c pyar mere chh,
Kal mai onha azaad karta.
Ohna aap te ni dssya ess baare kuj,
Mai ohdi chupi nu padh lya
Te step back kar gya…
ਤੇਰਾ ਰੋਹਿਤ…✍🏻
Ohh majbor c pyar mere chh,
Kal mai onha azaad karta.
Ohna aap te ni dssya ess baare kuj,
Mai ohdi chupi nu padh lya
Te step back kar gya…
ਤੇਰਾ ਰੋਹਿਤ…✍🏻
Nazro ko tere pyar se inkar nhi hai
Ab mujhe kisi aur ka Intezaar nhi hai
Mein Khamosh hu to vo vajood hai mera
Lekin tum ye na,samjhna mujhe tumse pyar nhi hai🥰
नज़रो को तेरे प्यार से इंकार नही है,
अब मुझे किसी और का इंतज़ार नही है,
मैं खामोश हूँ तो वो वजूद है मेरा,
लेकिन तुम ये न समझना मुझे तुमसे प्यार नही है।🥰
दिवाली पर पापा को बोनस मिलता था तनख्वाह थोड़ी ज्यादा आती थी सबको मालूम था दिवाली पर भी नए कपड़े लेने के लिए पैसे गिनकर मिलते थे कोई अगर बीमार हो जाए तो वो नए कपड़े भी कैंसल हो जाते थे। बचपन से ही एडजस्ट करने की आदत लग जाती है ये आदत अच्छी हो होती है पर कभी कभी बुरी भी होती है। धीरे धीरे बड़े हुए तो पता था मम्मी पापा को कुछ बनकर दिखाना है ये ख्वाब साथ लेकर चला पर बाहर निकले घर से तो ये पता चला कि जो मेरा ख्वाब है वही सबका भी ख्वाब था सबको अपनी जिंदगी में मेरी तरह ही कुछ करना था। जैसे तैसे एक नौकरी लगी वो भी मेरी पसंद की नही थी पर पापा का हाथ बंटाने के लिए भी तो कुछ करना था अपने दिल को समझकर वो नौकरी कर ली मुझे नौकरी लगी ये सुनकर मम्मी पापा दोनो खुश हो जाए पापा की आखों से तो आंसू ही आ गए आंखो से निकलते आंसू भी उस दिन मुझसे बात कर रहे थे मानो वो ये कह रहे थे की अब मेरे कंधो का थोड़ा बोझ कम हुआ मेरे साथ कोई कमाने वाला आ गया। उस दिन से मैंने वो नौकरी ज्वाइन कर ली और उसकी भी आदत सी पड़ गई।