Mere kadmi jannat😍 aan diggi
Tu sufne ch😇 fadeya jad hath mera😘..!!
ਮੇਰੇ ਕਦਮੀਂ ਜੰਨਤ 😍ਆਣ ਡਿੱਗੀ
ਤੂੰ ਸੁਫ਼ਨੇ ‘ਚ 😇ਫੜਿਆ ਜਦ ਹੱਥ ਮੇਰਾ😘..!!
Mere kadmi jannat😍 aan diggi
Tu sufne ch😇 fadeya jad hath mera😘..!!
ਮੇਰੇ ਕਦਮੀਂ ਜੰਨਤ 😍ਆਣ ਡਿੱਗੀ
ਤੂੰ ਸੁਫ਼ਨੇ ‘ਚ 😇ਫੜਿਆ ਜਦ ਹੱਥ ਮੇਰਾ😘..!!
इस जीवन से जुड़ा एक सवाल है हमारा~
क्या हमें फिर से कभी मिलेगा ये दोबारा?
समंदर में तैरती कश्ती को मिल जाता है किनारा~
क्या हम भी पा सकेंगे अपनी लक्ष्य का किनारा?
जिस तरह पत्तों का शाखा है जीवन भर का सहारा~
क्या उसी तरह मेरा भी होगा इस जहां में कोई प्यारा?
हम एक छोटी सी उदासी से पा लेते हैं डर का अंधियारा~
गरीब कैसे सैकड़ों गालियां खा कर भी कर लेतें है गुजारा ?
जिस तरह आसमान मे रह जाते सूरज और चांद-तारा ~
क्या उस तरह रह पाएगा हमारी दोस्ती का सहारा ?
जैसे हमेशा चलती रहती है नदियों का धारा~
क्या हम भी चल सकेंगे अपनी राह की धारा ?