
Rawaa vich pathraan nu vekh ke
raahgir kade rukeyaa ni karde
duph jinni marzi tikhi charri howe
samunder kade sukeyaa ni karde

Rawaa vich pathraan nu vekh ke
raahgir kade rukeyaa ni karde
duph jinni marzi tikhi charri howe
samunder kade sukeyaa ni karde
मैं ना जानू दोस्त तेरे दूर हो जाने के बाद,
यह जिंदगी कैसे जंग बन गई है।
मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
यह गांव की गलियां कैसे सुनी हो गई है।
मैंने जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
वो खेल का मैदान अब सुना लगता है।
मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
कैसे फूल जैसी जिंदगी पत्थर बन गई है।
खुद को मनाने की कोशिश करता हूं बहुत,
लेकिन क्या करूं दिल है कि मानता ही नहीं।
मैं ना जानू दोस्त तेरी दूर हो जाने के बाद,
मेरे चेहरे की हंसी कहां गुम हो गई।
मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
बाजारों की रौनक भी फीकी लगती है।
तू कब आएगा मेरे भाई मेरे दोस्त,
तेरे को हर दिन गले लगाने का मन करता है।
Eh akhiyan jo mil gyian naal tere
Dekh Ki kuj ho reha e naal mere..!!
Sareya de vich betha yaad teriyan
Te Iklleya vich marde ne khayal tere🥀..!!
ਇਹ ਅੱਖੀਆਂ ਜੋ ਮਿਲ ਗਈਆਂ ਨਾਲ ਤੇਰੇ
ਦੇਖ ਕੀ ਕੁਝ ਹੋ ਰਿਹਾ ਏ ਨਾਲ ਮੇਰੇ..!!
ਸਾਰਿਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਬੈਠਾਂ ਯਾਦਾਂ ਤੇਰੀਆਂ
ਤੇ ਇਕੱਲਿਆਂ ‘ਚ ਮਾਰਦੇ ਨੇ ਖਿਆਲ ਤੇਰੇ🥀..!!