Mujhe sukun aa jaye uske bina….
Ki saari jannat…
Yahi muyassar ho jaye…❤️
मुझे सुकून आ जाए उसके बिना….
कि सारी जन्नत…
यहीं मुयस्सर हो जाये…❤️
Mujhe sukun aa jaye uske bina….
Ki saari jannat…
Yahi muyassar ho jaye…❤️
मुझे सुकून आ जाए उसके बिना….
कि सारी जन्नत…
यहीं मुयस्सर हो जाये…❤️
Kuch is kadar peechhe reh gayi hu zindagi ke is safar me ki
Waqt aage badh gaya hai or log bhi…
कुछ इस कदर पीछे रह गई हूँ ज़िन्दगी के इस सफ़र में कि
वक़्त आगे बढ़ गया हैं और लोग भी।।
कब्र दर कब्र इक इश्तिहार जा रहा है,
अपना था कोई वो जो दूर जा रहा है,
मोहब्बत सही, इश्क सही, पास नहीं है अब,
जोगी इसी धुन में कोई गीत गा रहा है...
जो अपने थे वो चले गए....
हर वक्त आंसू पोंछने कोई पास आ रहा है,
मालूम है वो भी चला जायेगा फिर आंसू देकर,
जोगी इसी धुन में कोई गीत गा रहा है...
मतलबी, बेशर्म, बेईमान है दुनिया सारी
मालूम है की जीने नहीं देगी... देखो...
मेरी कब्र से भी मेरा इश्तिहार आ रहा है...
जोगी इसी धुन में कोई गीत गा रहा है...