izteraab me h zindagi meri..
Ab toh dard me hi araam rakha h…
Tu ab bhi nhi bikhra modassir tere rab ne tujhe thaam rakha h !!!
izteraab me h zindagi meri..
Ab toh dard me hi araam rakha h…
Tu ab bhi nhi bikhra modassir tere rab ne tujhe thaam rakha h !!!
Mileyaa sakoon dar tere te aake
me vekhyaa ae har tha nu ajmaa ke
na mileyaa koi tere ton vadha saath den wala
me vekh lyaa ae har ik ton dhokha khaa ke
ਮਿਲਿਆਂ ਸਕੂਨ ਦਰ ਤੇਰੇ ਤੇ ਆਕੇ
ਮੈਂ ਵੇਖਿਆਂ ਐਂ ਹਰ ਥਾਂ ਨੂੰ ਅਜ਼ਮਾ ਕੇ
ਨਾ ਮਿਲਿਆ ਕੋਈ ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਵਡਾ ਸਾਥ ਦੇਣ ਵਾਲਾ
ਮੈਂ ਵੇਖ ਲਿਆ ਐਂ ਹਰ ਇੱਕ ਤੋਂ ਧੋਖਾ ਖ਼ਾਕੇ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
उसकी अहमियत है क्या, बताना भी ज़रूरी है !
है उससे इश्क़ अग़र तो जताना भी ज़रूरी है !!
अब काम लफ़्फ़ाज़ी से तुम कब तक चलाओगे !
उसकी झील सी आंखों में डूब जाना भी ज़रूरी है !!
दिल के ज़ज़्बात तुम दिल मे दबा कर मत रखो !
उसको देख कर प्यार से मुस्कुराना भी ज़रूरी है !!
उसे ये बारहा कहना वो कितना ख़ूबसूरत है !
उसे नग्मे मोहब्बत के सुनाना भी ज़रूरी है !!
किसी भी हाल में तुम छोड़ना हाथ मत उसका !
किया है इश्क़ गर तुमने, निभाना भी ज़रूरी है !!
सहर अब रूठना तो इश्क़ में है लाज़मी लेकिन !
कभी महबूब गर रूठे तो मनाना भी ज़रूरी है !!