Taash ki baazi si hai zindagi
kabhi khusi tere haath to kabhi mere hath
ताश की बाजी सी है ज़िन्दगी
कभी खुशी तेरे हाथ तो कभी मेरे हाथ..
हर्ष✍️
Taash ki baazi si hai zindagi
kabhi khusi tere haath to kabhi mere hath
ताश की बाजी सी है ज़िन्दगी
कभी खुशी तेरे हाथ तो कभी मेरे हाथ..
हर्ष✍️

मैं तुम्हे तुमसे ज्यादा जानता हूं,
मैं तुम्हारे दिल का हर किनारा जानता हूं,
जो कहते नहीं वो आंखों से बता देते हो,
मैं तुम्हारी नजरों का हर इशारा जानता हूं
जानता हूं हाथ थाम कर चलना पसंद है तुम्हे,
फिर कांधे में सिर रखकर बैठना पसंद है तुम्हे,
पानी में लिखकर नाम अक्सर मिटा देते हो,
मेरे साथ रहने का तुम्हारा हर बहाना जानता हूं,
मैं तुम्हारे दिल का हर किनारा जनता हूं...