Taash ki baazi si hai zindagi
kabhi khusi tere haath to kabhi mere hath
ताश की बाजी सी है ज़िन्दगी
कभी खुशी तेरे हाथ तो कभी मेरे हाथ..
हर्ष✍️
Taash ki baazi si hai zindagi
kabhi khusi tere haath to kabhi mere hath
ताश की बाजी सी है ज़िन्दगी
कभी खुशी तेरे हाथ तो कभी मेरे हाथ..
हर्ष✍️
“थोड़ा थक सा जाता हूं अब मै…
इसलिए, दूर निकलना छोड़ दिया है,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब…
मैंने चलना ही छोड़ दिया है।
फासलें अक्सर रिश्तों में…
अजीब सी दूरियां बढ़ा देते हैं,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब मैंने..
अपनों से मिलना ही छोड़ दिया है।
हाँ जरा सा अकेला महसूस करता हूँ…
खुद को अपनों की ही भीड़ में,
पर ऐसा भी नहीं है कि अब मैंने…
अपनापन ही छोड़ दिया है।
याद तो करता हूँ मैं सभी को… और परवाह भी करता हूँ सब की, पर कितनी करता हूँ… बस, बताना छोड़ दिया है।।”
Raatan kaaliyan de taareyan nu yaar bnai bethe haan
Kahda chann jehe mukh naal pyar payi bethe haan🙈..!!
ਰਾਤਾਂ ਕਾਲੀਆਂ ਦੇ ਤਾਰਿਆਂ ਨੂੰ ਯਾਰ ਬਣਾਈ ਬੈਠੇ ਹਾਂ
ਕਾਹਦਾ ਚੰਨ ਜਿਹੇ ਮੁੱਖ ਨਾਲ ਪਿਆਰ ਪਾਈ ਬੈਠੇ ਹਾਂ🙈..!!