तबाहियो😬 का दौर 🤟है साहब
शांति 🤫की उम्मीद😁 हमसे ना रखो ❌❌
तबाहियो😬 का दौर 🤟है साहब
शांति 🤫की उम्मीद😁 हमसे ना रखो ❌❌
वो मेरे चर्चे गुफ्तगू के बहाने से सबसे करते हैं,
ये जान के भी हम इस बात से हर पल मरते हैं,
जिन अपनो को के लिए सीने में मोहब्बत थी,
उनके अब हम पास गुजरने से भी बहुत डरते हैं,
मुझे कैद करके कितना जीने दे सकोगे तुम भला,
देखो कितनी शिद्दत से हम मौत की दुआ पढ़ते हैं,
मेरी जान को गुनाहों से तौल कर क्या पा लोगे,
मेरे हर्फ़ के वजन से गुनाह अक्सर बदलते हैं ,
उर्दू का कोई शायर होता मैं लफ्ज़ संभाल लेता,
गोया अगर होते तो लफ्ज़ न गिरते, न इतना संभलते।
Hun nhi kadd de tarle tere 🙏🙂…
Asi v badl raah gye… 🥀
Time nal hi pta lg gyea 🤗 fitrat da….
Tahi time sir ho pichaa gye ❤🩹…