Kade tamanna c tainu paun di
ajh v tamanna e
par tainu bhulaun di
ਕਦੇ ਤਮੰਨਾ ਸੀ ਤੈਨੂੰ ਪਾਉਣ ਦੀ
ਅੱਜ ਵੀ ਤਮੰਨਾ ਏ
ਪਰ ਤੈਨੂੰ ਭੁਲਾਉਣ ਦੀ
Kade tamanna c tainu paun di
ajh v tamanna e
par tainu bhulaun di
ਕਦੇ ਤਮੰਨਾ ਸੀ ਤੈਨੂੰ ਪਾਉਣ ਦੀ
ਅੱਜ ਵੀ ਤਮੰਨਾ ਏ
ਪਰ ਤੈਨੂੰ ਭੁਲਾਉਣ ਦੀ
शाम बीती और रात हुई, गमों की फिर बरसात हुई..
तुझे भुलने को फिर से जाम पिया, गलती फिर मेरे हाथ हुई..
फिर से बहक गए लफ्ज मेरे, लफ्जों पे फिर से दात हुई..
दिलजले थे वहां कई मुझ जैसे, उनकी भी इश्क में मात हुई..
वही एक तरह का हर किस्सा, इश्क की भी भला कोई जात हुई..
हर कहानी ख़ुशी से शुरू हुई, ख़तम आंसुओं के साथ हुई..
महफिल को छोड़ चले घर की ओर, तन्हाई से फिर मुलाकात हुई..
तेरी याद बढ़ गई हर जाम के साथ, भला ये भी कोई बात हुई..
Jisne Kabhi Mujhe Mudkar Bhi Nahi Dekha
Use Mere Pyar Ka Kya ehsaas Hoga
Mai To Ab Dhoondhne Bhi Laga Hu
Deewanepan Ka Koi To ilaaj Hoga🙃
जिसने कभी मुझे मुड़कर भी नही देखा
उसे मेरे दीवानेपन का क्या एहसास होगा
मैं तो अब ढूंढने भी लगा हूँ
दीवानेपन का कोई तो इलाज होगा🙃