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TAINU DEWA ME HANJUAAN DA | Sad

Tainu dewan me hanjuaan da bharra
peedha da paraga bhun de
ni bhatthi waliye chambe diye daliye

ਤੈਨੂੰ ਦੇਵਾਂ ਮੈਂ ਹੰਝੂਆਂ ਦਾ ਭਾੜਾ
ਪੀੜਾਂ ਦਾ ਪਰਾਗਾ ਭੁੰਨ ਦੇ
ਨੀ ਭੱਠੀ ਵਾਲੀਏ ਚੰਬੇ ਦੀਏ ਡਾਲੀਏ

Title: TAINU DEWA ME HANJUAAN DA | Sad

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Hindi Two Liners || best hindi 2 lines shayari

मांगने से पहले खुद को पूछो, क्या तुम रख पाओ गे।

चलने से पहले खुद को पूछो, कितना दूर जा पाओ गे।

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मन जिनके नियंत्रण में है, वो राजा से भी अमीर होते ।

जो अपने मन को नियंत्रण नहीं कर पाते, वो भिखारी से भी गरीब होते ।

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जो तुम्हे आता है, वो सीखो सही।

दूसरे को दूसरा कुछ आयेगा, लेकिन तुम रहना तुममे ही।

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बारिश निकलती है आँसू की तरह।

आसमान हल्का होता है, अंतरात्मा भी, महसूस करो जरा।

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दिमाग जिनके हाथ में है, उनके कोई हथियार नहीं चाहिए।

क्यूंकि वो सही समय पर दिमाग लगा पाते, उलटी सीधी बिना बताये।

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किसके अंदर क्या है, वो भगवान को भी नहीं पाता।

समय पर निकलता है वो, महाकाल बैठ के सुनता।

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मैं अपने स्थान पर सही।

कौन मुझसे आगे है और कौन पीछे, मुझे पाता नहीं।

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 कौन कहां पर रहता है, मुझे कैसे पाता।

मैं तो अपने में खुश, आज़ादी इसे कहता।

Title: Hindi Two Liners || best hindi 2 lines shayari


Barish ki boonde || hindi kavita

गर्मियों से मुग्ध थी धरती
पर बारिश की बून्दें पड़ते ही
तुम बुदबुदाईं —
बारिश कितनी ख़ूबसूरत है !

क्या तुम्हारा मन
मिट्टी से भी ज़्यादा ठण्ड को महसूस करता है
तभी तो बारिश में विलीन हो गए
छलकते हुए आनन्द को स्वीकार न कर
तुमने आहिस्ता से कहा —
बारिश कितनी ख़ूबसूरत है !

तुम्हारे आँगन में
बून्द-बून्द में
अपने अनगिनत चान्दी के तारों में
सँगीत की सृष्टि कर
बारिश
जिप्सी लड़की की तरह नाचती है
तुम्हारी आँखों में ख़ुशी है, आह्लाद है
और शब्दों में बच्चों-सी पवित्रता
बारिश कितनी ख़ूबसूरत है !

अपने इर्द-गिर्द की चीज़ों
से अनजान
तुम यहाँ बैठी हो
नदी तुम्हारी स्मृतियों में ज़िन्दा है

अपनी सहेलियों के सँग
धीरे से घाघरा उठाकर
तुम नदी पार करती हो
अचानक बारिश गिरती है
लहरें चान्दी के नुपूर पहन नाचती हैं

बारिश में भीगकर हर्षोन्माद में
हंसते हुए तुम
नदी तट पर पहुँचती हो

बारिश में भीगे आँवले के फूल
पगडण्डी पर तुम्हारा स्वागत करते हैं
तुम्हारे सामने
केवल बारिश है, पगडण्डी है
और फूलों से भरे खेत हैं !

मेरी उपस्थिति को भूलते हुए
तुमने मृदुल आवाज़ में कहा —
बारिश कितनी ख़ूबसूरत है !

फिर तुम्हें देखकर
मैंने उससे भी मृदुल आवाज़ में कहा —
तुम भी तो कितनी ख़ूबसूरत हो !

Title: Barish ki boonde || hindi kavita