Sawaal zehar da ni c
jo me pee gya
takleef taan lokaan nu udon hoi
jad taanvi me zee piya
ਸਵਾਲ ਜ਼ਹਿਰ ਦਾ ਨਹੀਂ ਸੀ
ਜੋ ਮੈਂ ਪੀ ਗਿਆ
ਤਕਲੀਫ ਤਾਂ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਉਦੋਂ ਹੋਈ
ਜਦ ਤਾਂਵੀ ਮੈਂ ਜੀ ਗਿਆ
Sawaal zehar da ni c
jo me pee gya
takleef taan lokaan nu udon hoi
jad taanvi me zee piya
ਸਵਾਲ ਜ਼ਹਿਰ ਦਾ ਨਹੀਂ ਸੀ
ਜੋ ਮੈਂ ਪੀ ਗਿਆ
ਤਕਲੀਫ ਤਾਂ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਉਦੋਂ ਹੋਈ
ਜਦ ਤਾਂਵੀ ਮੈਂ ਜੀ ਗਿਆ
Oo mitti ch paleyaae te mitti ch galeyaae
thode julma toh enna ne behh nyi hona ,!
Oo maslaa tah sunna hi paina ee modi ji
chup tah enna toh vi rehh nhi hona!!!
Kisaan ekta zindabaad🙏🏻🙏🏻❤️
अकबर बादशाह को मजाक करने की आदत थी। एक दिन उन्होंने नगर के सेठों से कहा-
“आज से तुम लोगों को पहरेदारी करनी पड़ेगी।”
सुनकर सेठ घबरा गए और बीरबल के पास पहुँचकर अपनी फरियाद रखी।
बीरबल ने उन्हें हिम्मत बँधायी,
“तुम सब अपनी पगड़ियों को पैर में और पायजामों को सिर पर लपेटकर रात्रि के समय में नगर में चिल्ला-चिल्लाकर कहते फिरो, अब तो आन पड़ी है।”
उधर बादशाह भी भेष बदलकर नगर में गश्त लगाने निकले। सेठों का यह निराला स्वांग देखकर बादशाह पहले तो हँसे, फिर बोले-“यह सब क्या है ?”
सेठों के मुखिया ने कहा-
“जहाँपनाह, हम सेठ जन्म से गुड़ और तेल बेचने का काम सीखकर आए हैं, भला पहरेदीर क्या कर पाएँगे, अगर इतना ही जानते होते तो लोग हमें बनिया कहकर क्यों पुकारते?”
बादशाह अकबर बीरबल की चाल समझ गए और अपना हुक्म वापस ले लिया।