Sawaal zehar da ni c
jo me pee gya
takleef taan lokaan nu udon hoi
jad taanvi me zee piya
ਸਵਾਲ ਜ਼ਹਿਰ ਦਾ ਨਹੀਂ ਸੀ
ਜੋ ਮੈਂ ਪੀ ਗਿਆ
ਤਕਲੀਫ ਤਾਂ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਉਦੋਂ ਹੋਈ
ਜਦ ਤਾਂਵੀ ਮੈਂ ਜੀ ਗਿਆ
Sawaal zehar da ni c
jo me pee gya
takleef taan lokaan nu udon hoi
jad taanvi me zee piya
ਸਵਾਲ ਜ਼ਹਿਰ ਦਾ ਨਹੀਂ ਸੀ
ਜੋ ਮੈਂ ਪੀ ਗਿਆ
ਤਕਲੀਫ ਤਾਂ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਉਦੋਂ ਹੋਈ
ਜਦ ਤਾਂਵੀ ਮੈਂ ਜੀ ਗਿਆ
सौ ख्वाबों को मिला के एक ख्वाब देख रखा है ,
ज़िंदगी ने जाने फिर भी क्या हिसाब रखा है ,
तू मशरुफ़ है तेरी अहमत में,
और मैंने तेरे इंतज़ार को संभाल रखा है ।
माना दर्द की सौगात लाता है इश्क़ जाना ,
फिर भी मैंने अपनी मुलाकातों का गुलाब रखा है ,
तेरे साथ ही तो चल रहा है वजूद मेरा ,
तेरी यादों का मैंने एक तकियाँ भिगो रखा है ।
तेरा यू इंतज़ार करवाना ,मेरे दिल को खा जाता है ,
फिर भी तुझसे मिलने का अरमान सजा रखा है ,
कभी आओ खुल के सामने जो मेरे तुम तो दिखाऊ ,
टूटे दिल मे भी तेरे लिए एक महल सजा रखा है ।
………….अजय कुमार ।
मुझे अफसोस नहीं की
मेरे पास सबकुछ होना चाहिए था,
मैं तब भी मुस्कुराता रहा
जब मुझे रोना चाहिए था...