میں نہیں چاہتی انکی طلب ختم ہو
سو میں فاصلہ رکھتی ھوں ان سے
Enjoy Every Movement of life!
میں نہیں چاہتی انکی طلب ختم ہو
سو میں فاصلہ رکھتی ھوں ان سے

KI dassan me
ae akh kise di yaad vich ajh v raundi hai
dard inna ho gya zindagi vich
ke dhadkan v hun saath den ton ghabraundi hai
यू जो हो जाता है सब पे ऐतवारे मोहब्बत…
ये इश्क है या हो गया है बाजारे मोहब्बत….
टुटे दिल की भी कीमत लगा रहे हैं लोग….
क्या खरीदेंगे ये कीरदारे मोहब्बत…
कई लोग आए और चले गए इस बाजार से
बचा ना कि आज तक जमीदारे मोहब्बत
जिसे मिली वो रख न सका, जिसे मिली वो रह न सका
बड़ी बेमन है ये इमंदारे मोहब्बत
दिन या रात गुज़रते ह तुम्हें ही सोच कर महविश
चक रहे ह अब हम भी ये बीमार ए मोहब्बत🥀