टेंशन उतना ही लो जितने में काम हो जाये,
उतनी नहीं कि जिंदगी ही तमाम हो जाये !
टेंशन उतना ही लो जितने में काम हो जाये,
उतनी नहीं कि जिंदगी ही तमाम हो जाये !
माना तुम्हे हर बार देखता हूं,
हर बार पहली बार देखता हूं,
देखता हूं तुम्हे जब जुल्फें संवरती हो तुम,
उन जुल्फों को आइना बनके हर बार देखता हूं,
आंखो में रातें और सुर्खी में ग़ुलाब जैसे,
मेरे हाथ खाली जाम तुम्हारे होंठो में शराब जैसे,
जैसे हर बार तुम्हारा वो ख़्वाब देखता हूं,
तुम्हारे हाथों में मेरा दिया वो ग़ुलाब देखता हूं,
वक्त हो तो आना कभी इक हसरत बाकी है,
तुम्हे हर बार की तरह पहली बार देखना बाकी है...

Zindagi vich ajeha hunda rehnda
bul hasde rehnde te dil ronda rehnda
jihnu asin mande rehnde apni manzil
aksar ohi saadiyaan rahan de vich kil vachhaunda