टेंशन उतना ही लो जितने में काम हो जाये,
उतनी नहीं कि जिंदगी ही तमाम हो जाये !
Enjoy Every Movement of life!
टेंशन उतना ही लो जितने में काम हो जाये,
उतनी नहीं कि जिंदगी ही तमाम हो जाये !
इक तरफ ज़मीं से आसमां छूने को जी करता है,
इक तरफ होंठों से ज़मीं चूमने को जी करता है...
इन चार दीवारों की सरहदें भी तो मुक्कमल है,
शाम होते ही दोनों जहां घूमने को जी करता है...
