टेंशन उतना ही लो जितने में काम हो जाये,
उतनी नहीं कि जिंदगी ही तमाम हो जाये !
Enjoy Every Movement of life!
टेंशन उतना ही लो जितने में काम हो जाये,
उतनी नहीं कि जिंदगी ही तमाम हो जाये !
Bahut mahir tha main khud aur khud ke rishton ko samhalne mein,
Lekin ek waqt aya jahan na main khud ko samhal paya aur na khud ke rishton ko…
हर कदम पर धोखा खा कर मेरा दिल, अब कहीं जाकर ठेहरा है..
कुछ जख्म तो उसे याद ही नहीं, और कुछ जख्मों का असर बहुत गहरा है..
मेरी बातें मेरे दिल तक पहुँचती नहीं आज-कल..
ना जाने मेरे और मेरे दिल के बीच, किस-की और किन बातों का पहरा है..