टेंशन उतना ही लो जितने में काम हो जाये,
उतनी नहीं कि जिंदगी ही तमाम हो जाये !
टेंशन उतना ही लो जितने में काम हो जाये,
उतनी नहीं कि जिंदगी ही तमाम हो जाये !
मूक प्राणियों पर हमको तो,
तरस बहुत ही आता है।
इनकी देख दुर्दशा अपना,
सीना फटता जाता है।।
वन्य जीव जितने भी हैं,
सबका अस्तित्व बचाना है,
जंगल के जीवों के ऊपर,
दया हमें दिखलाना है।
वृक्ष अमूल्य धरोहर हैं,
इनकी रक्षा करना होगा।
जीवन जीने की खातिर,
वन को जीवित रखना होगा।
तनिक-क्षणिक लालच को,
अपने मन से दूर भगाना है।
धरती का सौन्दर्य धरा पर,
हमको वापिस लाना है।।
Jo akhiyan di tangh ch rehndi e
Nahi bhulde Surat pyari nu..!!
Je tu mil jawe sajjna ve
Mein bhulja duniya sari nu..!!
ਜੋ ਅੱਖੀਆਂ ਦੀ ਤਾਂਘ ‘ਚ ਰਹਿੰਦੀ ਏ
ਨਹੀਂ ਭੁੱਲਦੇ ਸੂਰਤ ਪਿਆਰੀ ਨੂੰ..!!
ਜੇ ਤੂੰ ਮਿਲ ਜਾਵੇਂ ਸੱਜਣਾ ਵੇ
ਮੈਂ ਭੁੱਲਜਾ ਦੁਨੀਆ ਸਾਰੀ ਨੂੰ..!!