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PicsArt_03-06-08.26.46

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Title: PicsArt_03-06-08.26.46

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


ज़िन्दगी जीना सीखा रही थी || zindagi shayari

कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,

फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,

एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी

हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,

मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया
कमबख्त तूने,
वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले
तुझे जीना सिखा रही थी।

Title: ज़िन्दगी जीना सीखा रही थी || zindagi shayari


Khuda hi khafa hai

Pane ki usko mangi mannat har dafa hai ya to meri ibaadat me kami hai ya mera khuda hi khafa hai

पाने की उसको मांगी मन्नत हर दफा है या तो मेरी ईबादत में कमी है या मेरा खुदा ही खफा है

Title: Khuda hi khafa hai