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tenu sochde din shuru || love shayari || beautiful lines

❤️Tu sochi na tenu bhull gyi mein ❤️
❤️yaadan teriyan ch bde hi dam ne❤️
❤️Tenu sochde din shuru howan mere❤️
❤️Teri yaad ch akhan Nam ne❤️
      
ਤੂੰ ਸੋਚੀਂ ਨਾ ਤੈਨੂੰ ਭੁੱਲ ਗਈ ਮੈਂ
ਯਾਦਾਂ ਤੇਰੀਆਂ ਚ ਬੜੇ ਹੀ ਦਮ ਨੇ..!!
ਤੈਨੂੰ ਸੋਚਦੇ ਦਿਨ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਵਣ ਮੇਰੇ
ਤੇਰੀ ਯਾਦ ਚ ਅੱਖਾਂ ਨਮ ਨੇ..!!

Title: tenu sochde din shuru || love shayari || beautiful lines

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Dost woh hai jo || friend shayari hindi

दोस्त वो है जो थाम के रखता है हाथ
परवाह नहीं उसको कौन है तुम्हारे साथ

उसकी आखों में चमक दिखती है
जब होता है तुम्हारे साथ

गुजर जाता है वक़्त मिनटों में
जब करते हैं उससे बात

दोस्त वो हैं जो सामने आ जाये गर
खुद बयाँ हो जाते हैं दिल के हालत

कुछ सोचना नहीं पड़ता
जब होती है उससे बात

दोस्त वो है जो बिन कहे समझ लेता है हर बात
बस हम छिपा नहीं सकते उससे कोई भी राज

कर देता है हैरान तब और भी
जब मरहलों में बन जाता है ढाल
अपने सारे दर्द ग़म भुला कर
साथ हँसता है सारी रात

उसे कुछ भी नहीं चाहिए तुमसे बस
कुछ पल तुम्हारे साथ का है वह मोहताज़

दोस्त वो है जिससे दोस्ती निभानी नहीं पड़ती
जिसे कोई भी बात समझानी नहीं पड़ती

रूठ भी जाए तो भी नहीं करता नज़रन्दाज़
इसलिए ये रिश्ता होता है हर रिश्ते से ख़ास

कभी वो माँ की तरह समझाता है
तो कभी पिता की तरह डांटता है

कभी- कभी बहन बन कर सताता है
तो कभी भाई की तरह रुलाता है

कभी एक आफ़ताब बन होंसला बढ़ाता है
हमें ग़म और खुशियों से परे ले जाता है

जिसके पास है ऐसा दोस्त
वही मुकम्मल है इस जहाँ में
वही है हयात का सरताज

Title: Dost woh hai jo || friend shayari hindi


Me dard ki inthaa par hu || Naraazgii

मैं दर्द की इंतहा पर हूं

मैं एक शख्स का बुलाया हुआ हूं

लोग मुझको गमगीन समझते हैं

मैं एक शख्स का सताया हुआ हूं

नहीं है मुझ पर कोई कर्जा

मैं हर रिश्ते को निभाया हुआ हूं

मैं लोगों से नहीं मिलता अक्सर

मैं एक राज को छुपाया हुआ हूं

मिस्बाह परवाह नहीं है रोशनी की

मैं एक शमा जला या हुआ हूं

main dard kee intaha par hoon

main ek shakhs ka bulaaya hua hoon

log mujhako gamageen samajhate hain

main ek shakhs ka sataaya hua hoon

nahin hai mujh par koee karja

main har rishte ko nibhaaya hua hoon

main logon se nahin milata aksar

main ek raaj ko chhupaaya hua hoon

misbah parvaah nahin hai roshanee kee

main ek shama jalaaya hua hoon

Title: Me dard ki inthaa par hu || Naraazgii