Badaa chahya Tenu par sadi chaahat Na Puri hoi
Tenu le geya saatho koi hor par Teri yaad es dil wich reh gayi
Kaash oh V naal le jandi ani takleef Na hundi Tenu yaad kar k
Badaa chahya Tenu par sadi chaahat Na Puri hoi
Tenu le geya saatho koi hor par Teri yaad es dil wich reh gayi
Kaash oh V naal le jandi ani takleef Na hundi Tenu yaad kar k
Kalam chalti hai to dil ki awaz likhta hu
Gam aur judaai ke andaz-e-byan likhta hu
Rukte nhi hai meri aankhon mein aansu
Mein jab bhi uski yaad mein alfaaz likhta hu 💔
कलम चलती है तो दिल की आवाज लिखता हूँ,
गम और जुदाई के अंदाज़-ए-बयां लिखता हूँ,
रुकते नहीं हैं मेरी आँखों से आँसू,
मैं जब भी उसकी याद में अल्फाज़ लिखता हूँ।💔
कॉलेज तक हम पर ना पढ़ाई की जिम्मेदारी रहती है , और उसके बाद घर की जिम्मेदारी आ जाती है । अपने सपनो को रख कर एक तरफ , अपनो के सपनो को पूरा करने की जिम्मेदारी आती है । क्या करे कोई अगर लाखो की भीड़ में एक शख्स अच्छा लगे , तो उसे भी ठुकराना पड़ता है । प्यार व्यार सब अच्छा नही यही बताकर दिल को अपने मनाना पड़ता है , कभी पढ़ाई की तो कभी घर की जिम्मेदारी से दिल उदास भी हो तो सामने रह कर सबके चेहरे से तो मुस्कुराना पड़ता है । हर किसी को परेशानी अपनी खुद ही पता होती है , वरना दूसरो को खुश चेहरा ही दिखता है । खुद के अलावा किसी को क्या पता की कोन रोज यहां कितनी मुश्किलों में उलझता सा है , छोटा मोटा काम करके घर का खर्चा निकालना होता है । कभी कभी नौबत ऐसी आती है की दस या पंद्रह हजार में , महीना सारा संभालना पड़ता है । यहां से वहा से ले लेकर बच्चो की ख्वाईशे भी पूरी करनी पड़ती है , कोई साथ नही देता यार यहां जिंदगी की ये लड़ाई खुद ही लड़नी पड़ती है ।