
Rahat mile dila de dard gehre nu..!!
Tera khyl sukun de jnda e
Mere udaas hoye es chehre nu..!!

रूप था उसका बहुत विशाल, राक्षस था वो बहुत भारी..
नाम था दशानन उसका, बुद्धि न जिसकी किसी से हारी..
हर कोई डरता था उससे, हो देव, दैत्य, चाहे नर-नारी..
प्रकोप था जिसका लोकों में, धरती कांपती थी सारी..
देखके ताकत को उसकी, भागे खड़े पैर बड़े बाल-धारी..
विशाल साम्राज्य पर उसके, भारी पड़ गई बस एक नारी..
घमंड को उसके चूर कर दिया, कहा समझ ना तू निर्बल नारी..
विधवंश का तेरे समय आ गया, ले आ गयी देख तेरी बारी..
लंका में बचेगा ना जीव कोई, मति जो गई तेरी मारी..
आराध्य से मेरे दूर कर दिया, भुगतेगी तेरी पीढी सारी..
रघुनंदन आए कर सागर पार, आए संग वानर गदा धारी..
एक-एक कर सबको मोक्ष दिया, सियाराम चरण लागी दुनिया सारी..
Rishte kache dhage waang hunde aa
sajjan adh hoye fir kehnde chal dubaara milde aa
dubaara mil taan gaye par oh tutte hoye dhaage di gandh hale tak radhakdi aa
ਰਿਸ਼ਤੇ ਕੱਚੇ ਧਾਗੇ ਵਾਂਗ ਹੁੰਦੇ ਆ,
ਸੱਜਣ ਅੱਡ ਹੋਏ ਫਿਰ ਕਹਿੰਦੇ ਚੱਲ ਦੁਬਾਰਾ ਮਿਲਦੇ ਆ,
ਦੁਬਾਰਾ ਮਿਲ ਤਾਂ ਗਏ ਪਰ ਉਹ ਟੁੱਟੇ ਹੋਏ ਧਾਗੇ ਦੀ ਗੰਢ ਹਲੇ ਤੱਕ ਰੜ੍ਹਕਦੀ ਆ
Simu