Ruki hui thee sanse teri aahat sunke na jaane kab tum aaye aur ye dil fir se dhadkne laga
Na dua kaam aayi na dawa jab bhi yaad kiya tujhe jubaan pe tera naam aaya
Ruki hui thee sanse teri aahat sunke na jaane kab tum aaye aur ye dil fir se dhadkne laga
Na dua kaam aayi na dawa jab bhi yaad kiya tujhe jubaan pe tera naam aaya
माँ-बाप की उम्मीदों पर
खरा उतर गया ,
इतना आगे बढ़ा, पलटा
तो उसका साथ छुट गया।
अब फर्क नहीं पड़ता जनाब
कौन साथ है?, कौन पास है?
हजारों लोग मिले हैं मुझसे दिन में
पर वो पगली आज भी खास है।
क्या नजारा था मित्र
मैंने बर्बादी खुबसूरत देखी,
तेरे बिन मर जाऊँगी
हाय!………………
ऐसी उसकी आंखो में तड़प देखी।
दिल्लगी थी, मेरे दोस्त
कोई झूठा फसाना नहीं,
आज भी दिल कहता है
खबरदार,……………
उसके सिवा किसी से दिल लगाना नहीं।
दिल देता है हौसला, मेरे दोस्त
तभी आज भी, उसका इंतजार करूँ
कही मिल जाए दो पल के लिए
तो पगली से दिल भरके बातें करूँ।
न जाने कौन सी लड़ाई चल रही है किस्मत की मेरे साथ
की उसे मेरे साथ किसी का साथ रास नहीं आता
मे कितना भी साथ निभा लू किसी का पर मेरे कोई साथ नहीं आता ,
कैसे पाउ हल इस मसले का
मेरा मुकदमा लड़ने मेरा वकील भी तो नहीं आता ।