
Dikhe kol tu Bethe hoye ikalleya de..!!
Tera naam likh likh ke hi hassi jande aa
Hoye haal bure sade jhalleya de..!!

इस जीवन से जुड़ा एक सवाल है हमारा~
क्या हमें फिर से कभी मिलेगा ये दोबारा?
समंदर में तैरती कश्ती को मिल जाता है किनारा~
क्या हम भी पा सकेंगे अपनी लक्ष्य का किनारा?
जिस तरह पत्तों का शाखा है जीवन भर का सहारा~
क्या उसी तरह मेरा भी होगा इस जहां में कोई प्यारा?
हम एक छोटी सी उदासी से पा लेते हैं डर का अंधियारा~
गरीब कैसे सैकड़ों गालियां खा कर भी कर लेतें है गुजारा ?
जिस तरह आसमान मे रह जाते सूरज और चांद-तारा ~
क्या उस तरह रह पाएगा हमारी दोस्ती का सहारा ?
जैसे हमेशा चलती रहती है नदियों का धारा~
क्या हम भी चल सकेंगे अपनी राह की धारा ?
Jadon zikar tera karda koi
mere mukh te noor jeha aa janda
duniyaadaari nu sachi bhul
mere te tera saroor jeha chaah janda
tera cheta bann bdal mere
khiyaala ute bhoor jeha paa janda
kina aasaan hunda eh safar mera
je mere kolo tu door jeha na jaanda
ਜਦੋਂ ਜ਼ਿਕਰ ਤੇਰਾ ਕਰਦਾ ਕੋਈ,
ਮੇਰੇ ਮੁੱਖ ਤੇ ਨੂਰ ਜਿਹਾ ਆ ਜਾਂਦਾ,
ਦੁਨੀਆਦਾਰੀ ਨੂੰ ਸੱਚੀ ਭੁੱਲ,
ਮੇਰੇ ਤੇ ਤੇਰਾ ਸਰੂਰ ਜਿਹਾ ਛਾਅ ਜਾਂਦਾ,
ਤੇਰਾ ਚੇਤਾ ਬਣ ਬੱਦਲ ਮੇਰੇ,
ਖਿਆਲਾਂ ਉੱਤੇ ਭੂਰ ਜਿਹਾ ਪਾ ਜਾਂਦਾ,
ਕਿੰਨਾ ਅਸਾਨ ਹੁੰਦਾ ਇਹ ਸਫ਼ਰ ਮੇਰਾ,
ਜੇ ਮੇਰੇ ਕੋਲੋਂ ਤੂੰ ਦੂਰ ਜਿਹਾ ਨਾ ਜਾਂਦਾ