Tu door hoyea taan jind sukdi jandi aa
aakhir tere bina tan eh zind mukdi jandi aa
ਤੂੰ ਦੂਰ ਹੋਇਆ ਤਾਂ ਜ਼ਿੰਦ ਸੁਕਦੀ ਜਾਂਦੀ ਆ
ਆਖਿਰ ਤੇਰੇ ਬਿਨਾ ਤਾਂ ਇਹ ਜ਼ਿੰਦ
ਮੁਕਦੀ ਜਾਂਦੀ ਆ
Tu door hoyea taan jind sukdi jandi aa
aakhir tere bina tan eh zind mukdi jandi aa
ਤੂੰ ਦੂਰ ਹੋਇਆ ਤਾਂ ਜ਼ਿੰਦ ਸੁਕਦੀ ਜਾਂਦੀ ਆ
ਆਖਿਰ ਤੇਰੇ ਬਿਨਾ ਤਾਂ ਇਹ ਜ਼ਿੰਦ
ਮੁਕਦੀ ਜਾਂਦੀ ਆ
बंदिशों से अब कैसे खुदकी करूं हिफाज़त मैं,
सवेरे से है मोहब्बत पर, अंधेरों में रहने कि आदत है…
आफ़त है कि चिराग़ का इल्म कैसे होगा,
पता नहीं जब सवेरा होगा तो क्या होगा…
क्या होगा जो खुदसे कर लूं बगावत मै,
जीत लूं खुदको अगर हार जाऊं तो आफ़त है…
हारने का शोंक नहीं लड़ना अब रास नहीं आता,
सब कहते है मुझे तू हरकतों से बाज़ नहीं आता…
देखो, हरकतों में भी मेरी तहज़ीब और शराफत है,
जीत लेंगे दुनिया भी अगर रब की इजाज़त है… 🙃
