
Duja mar mar ke
Eh kaisi saja ho gayi zindagi meri nu..!!
Enjoy Every Movement of life!

Sara shehar likh diya ik kagaz mein,
Jise padhta gaya use mitata gya,
Aks mila bhi to khali maikhane mein,
Khudko pdhta gya khudko pilata gaya…
सारा शहर लिख दिया इक काग़ज़ में,
जिसे पढ़ता गया उसे मिटाता गया,
अक्स मिला भी तो खाली मयखाने में,
खुदको पढ़ता गया खुदको पिलाता गया….
हर दौर ने थोड़ा सा बदला है हमको
हम तुझसे पहले कुछ और थे तेरे बाद कुछ और है
खैर मिलना बिछड़ना तो अब बेकार की बाते है
जिस से तू मिली थी वो और था अब हम और है