
Duja mar mar ke
Eh kaisi saja ho gayi zindagi meri nu..!!

किसान कविता
बूँद बूँद को तरसे जीवन,
बूँद से तड़पा हर किसान
बूँद नही हैं कही यहाँ पर
गद्दी चढ़े बैठे हैवान.
बूँद मिली तो हो वरदान
बूँद से तरसा हैं किसान
बूँद नही तो इस बादल में
देश का डूबा है अभिमान
बूँद से प्यासा हर किसान
बूँद सरकारों का फरमान
बूँद की राजनीति पर देखों
डूब रहा है हर इंसान.
देव चौधरी
Kyu zindariye takdi e raah shamshaan da
karle thoda hor intezaar
jithe kita tu inna pyaar
ni karle thoda hor intezaar
ਕਿਉਂ ਜ਼ਿੰਦੜੀਏ ਤੱਕਦੀ ਇ ਰਾਹ ਸ਼ਮਸ਼ਾਨ ਦਾ
ਕਰਲੇ ਥੋੜਾ ਹੋਰ ਇੰਤਜ਼ਾਰ
ਜਿੱਥੇ ਕਿਤਾ ਤੂੰ ਇੰਨਾ ਪਿਆਰ
ਨੀ ਕਰਲੇ ਥੋੜਾ ਹੋਰ ਇੰਤਜ਼ਾਰ .. #GG