Pta nahi kehda nasha hai,
Pta nhi kehde khumar ch haan,
Tu zindagi ch aake chll bhi gya,
Main phir bhi tere hi intzaar ch haan……
Pta nahi kehda nasha hai,
Pta nhi kehde khumar ch haan,
Tu zindagi ch aake chll bhi gya,
Main phir bhi tere hi intzaar ch haan……
Yun na najarandaaj karna mushkilo ko apni manzil takk pahuchane me sabse bada hath ini ka hai
यूं ना नजरंदाज करना मुश्किलों को अपनी मंजिल तक पहुंचाने में सबसे बड़ा हाथ इन्ही का है
बाहर से दिख ने में कुछ पता नहीं चलता।
पानी के अंदर में धारा का प्रवाह बहता।
……………………………………………….
वोट देते हैं लोगों, लेकिन विजेता नेता।
नेता बनते है महान, सिर्फ आम ही रहे जाते हैं जनता।
………………………………………………………………
कवि बुद्धिजीवी और बुद्धिमान दोनों ही होते।
बहुत सारे बुद्धिजीवी बुद्धिमान नहीं हैं और बहुत बुद्धिमान भी बुद्धिजीवी हो नहीं पाते।
……………………………………………………………………………..
कोविशिल्ड और कोवैक्सीन में सिर्फ नाम का अंतर।
सब इंसान एक हैं, अलग हैं व्यवहार।
…………………………………………………………………………….
बारिश हो रही है, होने दो।
इंसान दुखी है, रोने दो।
……………………………………………………………………………
जिंदगी का मतलब हर वक्त पर दर्द को सम्हालना।
दवा और मलहम नियति की हात का खिलौना।
………………………………………………………………………….
दिल की बात रखो दिल में।
दूसरे जानकर मजा लेंगे और दिल जलेगी आग में।
………………………………………………………………………………
भूख जिसे चोरी करना सिखाया, वो बेकसूर है।
असली चोर तो वो है, जो ज्यादा खा के भी लालच करता है।
……………………………………………………………………………..
कुत्ते के साथ मुँह मत लगाना।
गंदे के मुँह मत देखना।
……………………………………………………………………………..
घने बादल हमेशा बारिश नहीं लाते।
कभी कभी ख़ुशी में भी गम नहीं जाते।
………………………………………………………………………….
अगर औरत की साथ प्यार हो तो वो रोमांस है।
लेकिन कोई मर्द का साथ प्यार हो ना ओफ्फेंस है।
…………………………………………………………………………….
सब दोस्ती प्यार नहीं बनते।
सब रिश्ते रिश्तेदार भी नहीं लाते।
……………………………………………………………………………
पागलखाने में पागल नहीं रहते।
पागलपन सब के दिमाग में, मानसिक इसे ही कहते।
……………………………………………………………………………
पूजा जितना भी करो, मंत्र हज़ार बार पढ़ो, भगवान खुश नहीं।
लोकतंत्र की पुजारी ही असली पुजारी, सच यही।
…………………………………………………………………………..
चादर में सोए रहो या बिस्तर पर, नींद होनी चाहिए।
दिल से प्यार करो या दिमाग से, आस्था होनी चाहिए।
…………………………………………………………………………..
पहाड़ से नदी निकलती है और मिलती है सागर में।
पत्थर गतिरोधक, नदी जीवन की गति और समुद्र नियति है।
……………………………………………………………………………..