
teri yaad hi is shayar di awaaz hai || shayari by a shayar

Na chadeyaa koi din sadhe lai
na aai kade puneyaa di raat
na pyar samajh saki tu mera
na samajh saki jajhbaat
ਨਾ ਚੜਿਆ ਕੋਈ ਦਿਨ ਸਾਡੇ ਲਈ
ਨਾ ਆਈ ਕਦੇ ਪੁੰਨਿਆ ਦੀ ਰਾਤ
ਨਾ ਪਿਆਰ ਸਮਝ ਸਕੀ ਤੂੰ ਮੇਰਾ
ਨਾ ਸਮਝ ਸਕੀ ਜ਼ਜਬਾਤ
अब कोई भी शायरी तुझे तड़पाती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?
मौसम की हर बहारों से मांगा था !
मैंने तुझको टूटते तारों से मांगा था |
जुदा होके तू शायद ही जी पाती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?
ख़ैर अब मैं भी तुझे भूल रहा हूं !
गलतियां सारी कबूल रहा हूं |
मेरी तस्वीरें तुझे बड़ा सताती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?