
teri yaad hi is shayar di awaaz hai || shayari by a shayar
Enjoy Every Movement of life!

Tu jab se begana hua,
Mera ghar mekhana hua!
Mekhane se jaam lekar,
Peeti hoon tera naam lekar!
तू जब से बेगाना हुआ,
मेरा घर मैखाना हुआ।
मैखाने से जाम लेकर,
पीती हूँ तेरा नाम लेकर।
एक उमीद सी बाकी है अब भी, कि शाइद तुम लोट आओगे॥
कि तुम फिर से मुझे आकर सीने से लगाओ गे,
लेकर मेरे आँसू ,मुझे हँसना सिखाओगे,
कि शाइद तुम फिरसे ,मुझे अपना बनालोगे॥
कि शाइद तुम लोट आओगे,
एक उमीद सी बाकी है अब भी ,शाइद तुम लोट आओगे॥❣️