
teri yaad hi is shayar di awaaz hai || shayari by a shayar

वो मेरे चर्चे गुफ्तगू के बहाने से सबसे करते हैं,
ये जान के भी हम इस बात से हर पल मरते हैं,
जिन अपनो को के लिए सीने में मोहब्बत थी,
उनके अब हम पास गुजरने से भी बहुत डरते हैं,
मुझे कैद करके कितना जीने दे सकोगे तुम भला,
देखो कितनी शिद्दत से हम मौत की दुआ पढ़ते हैं,
मेरी जान को गुनाहों से तौल कर क्या पा लोगे,
मेरे हर्फ़ के वजन से गुनाह अक्सर बदलते हैं ,
उर्दू का कोई शायर होता मैं लफ्ज़ संभाल लेता,
गोया अगर होते तो लफ्ज़ न गिरते, न इतना संभलते।
Kaale kikraan de tahne ne,
ve jinna naal has boliye
oh yaar puraane ne
ਕਾਲੇ ਕਿੱਕਰਾਂ ਦੇ ਟਾਹਣੇ ਨੇ,
ਵੇ ਜਿੰਨਾਂ ਨਾਲ ਹੱਸ ਬੋਲੀਏ
ਉਹ ਯਾਰ ਪੁਰਾਣੇ ਨੇ।