
teri yaad hi is shayar di awaaz hai || shayari by a shayar

वो बाहों में मुझे लेके,,,
शादी किसी और से रचाना चाहता है,,,
वो हम बिस्तर तो होता है,,,
हमसफर किसी और को बनाना चाहता है,,,
वो वक्त काटता मेरे साथ है,,,
वक्त बिताना किसी और के साथ चाहता है,,,
वो मुस्कुराता मेरे साथ है,,,
वो मुस्कान किसी और का बनना चाहता है,,,
वो हाथ थामे तो मेरा चलता है,,,
वो जिंदगी का सफर किसी और के साथ चलना चाहता है,,,
वो बाहों में मुझे लेके,,,
शादी किसी और से रचाना चाहता है….।।
