
par jehrra tere naal aa
oh horaa naal nahi

बादशाह अकबर की यह आदत थी कि वह अपने दरबारियों से तरह-तरह के प्रश्न किया करते थे। एक दिन बादशाह ने दरबारियों से प्रश्न किया, “अगर सबकी दाढी में आग लग जाए, जिसमें मैं भी शामिल हूं तो पहले आप किसकी दाढी की आग बुझायेंगे?”
“हुजूर की दाढी की” सभी सभासद एक साथ बोल पड़े।
मगर बीरबल ने कहा – “हुजूर, सबसे पहले मैं अपनी दाढी की आग बुझाऊंगा, फिर किसी और की दाढी की ओर देखूंगा।”
बीरबल के उत्तर से बादशाह बहुत खुश हुए और बोले- “मुझे खुश करने के उद्देश्य से आप सब लोग झूठ बोल रहे थे। सच बात तो यह है कि हर आदमी पहले अपने बारे में सोचता है।”
Nazraa nu taa bahut kujh sohna laghda
par jo dil nu sohna lagge, pyaar taa ohde naal hunda e
ਨਜ਼ਰਾ👀ਨੂੰ ਤਾਂ ਬਹੁਤ ਕੁਝ ਸੋਹਣਾ ਲੱਗਦਾ..
ਪਰ ਜੋ ਦਿਲ❤️ਨੂੰ ਸੋਹਣਾ ਲੱਗੇ,ਪਿਆਰ ਤਾਂ ਉਹਦੇ ਨਾਲ ਹੁੰਦਾ ਏ😍..