Tere naina de samundar ch
dil mera gote khaanda reha
nazdeek si kinara fir v
jaan bujh dub jaanda reha
ਤੇਰੇ ਨੈਣਾ ਦੇ ਸਮੁੰਦਰ ‘ਚ
ਦਿਲ ਮੇਰਾ ਗੋਤੇ ਖਾਂਦਾ ਰਿਹਾ
ਨਜਦੀਕ ਸੀ ਕਿਨਾਰਾ ਫਿਰ ਵੀ,,
ਜਾਣ ਬੁੱਝ ਡੁੱਬ ਜਾਂਦਾ ਰਿਹਾ
Tere naina de samundar ch
dil mera gote khaanda reha
nazdeek si kinara fir v
jaan bujh dub jaanda reha
ਤੇਰੇ ਨੈਣਾ ਦੇ ਸਮੁੰਦਰ ‘ਚ
ਦਿਲ ਮੇਰਾ ਗੋਤੇ ਖਾਂਦਾ ਰਿਹਾ
ਨਜਦੀਕ ਸੀ ਕਿਨਾਰਾ ਫਿਰ ਵੀ,,
ਜਾਣ ਬੁੱਝ ਡੁੱਬ ਜਾਂਦਾ ਰਿਹਾ
उल्टे सीधे सपने पाले बैठे हैं
सब पानी में काँटा डाले बैठे हैं
इक बीमार वसीयत करने वाला है
रिश्ते नाते जीभ निकाल बैठे हैं
बस्ती का मामूल पे आना मुश्किल है
चौराहे पर वर्दी वाले बैठे हैं
धागे पर लटकी है इज़्ज़त लोगों की
सब अपनी दस्तार सँभाले बैठे हैं
साहब-ज़ादा पिछली रात से ग़ायब है
घर के अंदर रिश्ते वाले बैठे हैं
आज शिकारी की झोली भर जाएगी
आज परिंदे गर्दन डाले बैठे हैं
आज दीदार ना हुआ उनका एक बार भी, नाराज से लगते हैं..
सुनाई देती है जैसे ही दस्तक कोई, बार- बार दरवाजे पे भगते हैं..
हर बार कोई और होता है, ख्वाब टूट जाता है, नींद से जगते हैं..
अरे कोई तो खबर करदो उन्हें, इंतजार में हैं, वो अपने से लगते हैं..❤️