Tere naina de samundar ch
dil mera gote khaanda reha
nazdeek si kinara fir v
jaan bujh dub jaanda reha
ਤੇਰੇ ਨੈਣਾ ਦੇ ਸਮੁੰਦਰ ‘ਚ
ਦਿਲ ਮੇਰਾ ਗੋਤੇ ਖਾਂਦਾ ਰਿਹਾ
ਨਜਦੀਕ ਸੀ ਕਿਨਾਰਾ ਫਿਰ ਵੀ,,
ਜਾਣ ਬੁੱਝ ਡੁੱਬ ਜਾਂਦਾ ਰਿਹਾ
Tere naina de samundar ch
dil mera gote khaanda reha
nazdeek si kinara fir v
jaan bujh dub jaanda reha
ਤੇਰੇ ਨੈਣਾ ਦੇ ਸਮੁੰਦਰ ‘ਚ
ਦਿਲ ਮੇਰਾ ਗੋਤੇ ਖਾਂਦਾ ਰਿਹਾ
ਨਜਦੀਕ ਸੀ ਕਿਨਾਰਾ ਫਿਰ ਵੀ,,
ਜਾਣ ਬੁੱਝ ਡੁੱਬ ਜਾਂਦਾ ਰਿਹਾ
मंजिल दूर और सफ़र बहुत है,
छोटी सी ज़िन्दगी और फिक्र बहुत है,
मार डालता ये जहान कब का हमें,
पर मेरी माँ की दुआओं में असर बहुत है…
किस्मतों से मिलती है माँ की ममता,
उस ममता में प्यार कभी नही थमता,
खुश-किस्मत हु मैं जो माँ का प्यार मिला,
ज़िन्दगी से मुझे नही है कोई गिला…
कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,
फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,
एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी
हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,
मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया
कमबख्त तूने,
वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले
तुझे जीना सिखा रही थी।