
Peedhan de daur vicho langhe hoye haan..!!
Sadi khushi gam tere naal vassan sajjna
Asi tereyan ranga de vich range hoye haan..!!

Na dwa se na daru se, mera zakham ab bhar sakta hai..
Koi vaid na koi kaadha, mujhe ab thik kar sakta hai..
Mein ishq bimari ki ek aisi had par hoon dosto..
Ke is bimari mein dooba hua, ye jisam ab sirf mar sakta hai..🙃❤️
ना दवा से ना दारू से, मेरा ज़ख्म अब भर सकता है..
कोई वैद ना कोई काढा, मुझे अब ठीक कर सकता है..
मैं इश्क बिमारी की एक ऐसी हद पर हूं दोस्तों..
के इस बीमारी में डूबा हुआ, ये जिस्म अब सिर्फ मर सकता है🙃❤️
चलेगी जब तेरी यादों की पुरवाई तो क्या होगा
पुरानी चोट कोई फिर उभर आई तो क्या होगा,
मुहब्बत ख़ुद ही बन बैठी तमाशाई तो क्या होगा
न हम होंगे, न तुम होंगे, न तनहाई तो क्या होगा,
मुहब्बत की झुलसती धूप और काँटों भरे रस्ते
तुम्हारी याद नंगे पाँव गर आई तो क्या होगा,
ऐ मेरे दिल तू उनके पास जाता है तो जा, लेकिन
तबीअत उनसे मिलकर और घबराई तो क्या होगा,
लबों पर हमने नक़ली मुस्कराहट ओढ़ तो ली है
किसी ने पढ़ ली चेह्रे से जो सच्चाई तो क्या होगा,
सुना तो दूँ मुहब्बत की कहानी मैं तुम्हें लेकिन
तुम्हारी आँख भी ऐ दोस्त भर आई तो क्या होगा,
ख़ुदा के वास्ते अब तो परखना छोड़ दे मुझको
अगर कर दी किसी ने तेरी भरपाई तो क्या होगा..