Tere aankhon se bahein ek ek qatre ki qeemat
iss jahaan ki saari daulat bhi nahi chuka sakti ke
tere labon pe muskurahat ye puri qainaat khareed sakti hai.
Tere aankhon se bahein ek ek qatre ki qeemat
iss jahaan ki saari daulat bhi nahi chuka sakti ke
tere labon pe muskurahat ye puri qainaat khareed sakti hai.

ज़िन्दगी के लिए इक ख़ास सलीक़ा रखना
अपनी उम्मीद को हर हाल में ज़िन्दा रखना
उसने हर बार अँधेरे में जलाया ख़ुद को
उसकी आदत थी सरे-राह उजाला रखना
आप क्या समझेंगे परवाज़ किसे कहते हैं।
आपका शौक़ है पिंजरे में परिंदा रखना
बंद कमरे में बदल जाओगे इक दिन लोगो
मेरी मानो तो खुला कोई दरीचा रखना
क्या पता राख़ में ज़िन्दा हो कोई चिंगारी
जल्दबाज़ी में कभी पॉव न अपना रखना
वक्त अच्छा हो तो बन जाते हैं साथी लेकिन
वक़्त मुश्किल हो तो बस ख़ुद पे भरोसा रखना