है गुस्ताखी बेवफाई
है गुस्ताखी बेवफाई,
उसने ये गुस्ताखी कर दिखाई।
जो जान थी कभी हमारी..
जो जान थी कभी हमारी,
आज हो गई है पराई।।
है गुस्ताखी बेवफाई
है गुस्ताखी बेवफाई,
उसने ये गुस्ताखी कर दिखाई।
जो जान थी कभी हमारी..
जो जान थी कभी हमारी,
आज हो गई है पराई।।
इक झील मिली है, एक झरने के बाद
बस कुछ ही दूर घर से,गुज़रने के बाद
ये समझा रहे हैं, की खतरा है मुझको
वो भी आधे से ज़्यादा, उतरने के बाद
फिर सूखी आंख लेकर,लौट आया मैं
अपने वही पे सारे आंसू,धरने के बाद
मेरे चार दर्द भी, ना संभाले गए उससे
ये झरना भर गया,आंसू भरने के बाद
अरे तुम भी कहां सुनोगे, बाते हमारी
हम भी समझे थे,इश्क़ करने के बाद
मेरी हिम्मत को,देखा कैसे जाए बोलो
लोग हमे भी डरा रहे हैं, डरने के बाद
के कुछ खड़े होते हैं कैसे, तनके देखो
मेरे सामने से मुंह पर, मुकरने के बाद
je ful khilda vekhna howe, ohnu todhida ni hunda
jithe khush na hoiye ik-dooje naal reh ke, othe rishta jodhida ni hunda
ਜੇ ਫੁੱਲ ਖਿਲਦਾ ਵੇਖਣਾ ਹੋਵੈ,ਉਹਨੂੰ ਤੋੜੀਦਾ ਨੀ ਹੁੰਦਾ..
ਜਿੱਥੇ ਖੁਸ਼ ਨਾ ਹੋਈਏ ਇਕ-ਦੂਜੇ ਨਾਲ ਰਹਿ ਕੇ,ਉੱਥੇ ਰਿਸ਼ਤਾ ਜੋੜੀਦਾ ਨੀ ਹੁੰਦਾ..