है गुस्ताखी बेवफाई
है गुस्ताखी बेवफाई,
उसने ये गुस्ताखी कर दिखाई।
जो जान थी कभी हमारी..
जो जान थी कभी हमारी,
आज हो गई है पराई।।
Enjoy Every Movement of life!
है गुस्ताखी बेवफाई
है गुस्ताखी बेवफाई,
उसने ये गुस्ताखी कर दिखाई।
जो जान थी कभी हमारी..
जो जान थी कभी हमारी,
आज हो गई है पराई।।
“हंसी में छिपे खामोशियों को महसूस किया है I
मैखाने में बुजुर्गों को भी जवान होते देखा है I
हमने इन्शानो को जरुरत के बाद अनजान होते देखा है I
क्यों भूल जाते है इंसान अपनी अस्तित्व पैसा आते ही I
दुनियां ने बड़े – बड़े राज महराजा को फ़क़ीर होते देखा है I”
Beshakk jikar tera hun ghat karange
Par jinna vi karange la-jawab karange..!!
ਬੇਸ਼ੱਕ ਜ਼ਿਕਰ ਤੇਰਾ ਹੁਣ ਘੱਟ ਕਰਾਂਗੇ
ਪਰ ਜਿੰਨਾ ਵੀ ਕਰਾਂਗੇ ਲਾ-ਜਵਾਬ ਕਰਾਂਗੇ..!!