है गुस्ताखी बेवफाई
है गुस्ताखी बेवफाई,
उसने ये गुस्ताखी कर दिखाई।
जो जान थी कभी हमारी..
जो जान थी कभी हमारी,
आज हो गई है पराई।।
है गुस्ताखी बेवफाई
है गुस्ताखी बेवफाई,
उसने ये गुस्ताखी कर दिखाई।
जो जान थी कभी हमारी..
जो जान थी कभी हमारी,
आज हो गई है पराई।।
इस जीवन की राहों में, दर्द और खुशी की बातें, सपनों की रौशनी में, हम सबकी आस्था है।
सूरज की किरनों में, खुशियों का सफर है, मन की गहराइयों में, सपनों का नजरिया है।
चाँद की रातों में, ख्वाबों की धड़कन है, जीवन के उत्सव में, हर दिन का मौका है।
प्यार की बातों में, दिल की धड़कन होती है, खुशियों की मिठास में, जीवन का सौभाग्य है।
इस प्रेम और सौंदर्य का, हम सबको अभिवादन है, हिन्दी कविता के रूप में, ये शब्द हमारा सन्देश है।
Beparwahiya karda jo rabba ve staundiya
Marziya eh teriyan sanu nahio bhaundiya..!!
ਬੇਪਰਵਾਹੀਆਂ ਕਰਦਾ ਜੋ ਰੱਬਾ ਵੇ ਸਤਾਉਂਦੀਆਂ
ਮਰਜ਼ੀਆਂ ਇਹ ਤੇਰੀਆਂ ਸਾਨੂੰ ਨਹੀਓ ਭਾਉਂਦੀਆਂ..!!