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teri deed c rabb da milap || punjabi sad shayari || lyrical video || female voice

kamle saah || punjabi shayari || punjabi status

jadon gherdiyan ne menu yaadan teriyan
mud takkde aa ohna sukun de raahan nu..!!
fer yaad ohi ishq aunda e sajjna
mehsus kar thandiyan sard hvavaan nu..!!
jithe takkeya c tenu reejhan la la k
chit kare mud jaan fer ohna thavaan nu..!!
teri deed c rabb da milap sajjna
dil tarse ajj v teri palkan diyan shavaan nu..!!
nam akhiyan nu dilase jehe dinde rehnde aan
yaad karde aan jad mitti ch rul gye chavaan nu..!!
intzaar te mohobbat ajj vi onni e
khaure kadon rabb sunu meriyan paak duavan nu..!!
teri aun di aas ch kive raahan takkiyan ne
chain mileya nahi kade ehna jhalliyan nigahan nu..!!
tera naam chete aave aunde jande hoye
ishq ch banne hoye mere ehna kamle saahan nu..!!

Title: teri deed c rabb da milap || punjabi sad shayari || lyrical video || female voice

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


आगरा कौन सा रास्ता जाता है? || birbal akbar story

बादशाह अकबर को शिकार करना बहुत पसंद था। एक बार की बात है, बादशाह अकबर अपने सैनिकों के साथ शिकार पर निकले। शिकार करते-करते वो इतने आगे चले गए कि वो अपने दल से छूट गए। उनके साथ बस कुछ ही सैनिक रह गए थे। अब शाम होने को थी और सूरज ढलने वाला था। साथ ही अकबर और उनके साथ के सैनिकों को भूख भी सताने लगी थी।

बादशाह अकबर को शिकार करना बहुत पसंद था। एक बार की बात है, बादशाह अकबर अपने सैनिकों के साथ शिकार पर निकले। शिकार करते-करते वो इतने आगे चले गए कि वो अपने दल से छूट गए। उनके साथ बस कुछ ही सैनिक रह गए थे। अब शाम होने को थी और सूरज ढलने वाला था। साथ ही अकबर और उनके साथ के सैनिकों को भूख भी सताने लगी थी

काफी दूर निकल आने पर बादशाह अकबर को यह एहसास हुआ कि वो रास्ता भटक गए हैं। वहां आस-पास कोई नजर भी नहीं आ रहा था, जिससे रास्ते के बारे में पूछा जा सकता था। थोड़ी दूर और चलने पर उन्हें एक तिराहा नजर आया। बादशाह को यह देख कर थोड़ी खुशी हुई कि चलो इनमें से कोई न कोई रास्ता राजधानी तक तो जाता ही होगा।

लेकिन, सभी इसी उलझन में थे कि किस रास्ते पर चला जाए। तभी सैनिकों की नजर सड़क किनारे खड़े एक छोटे से लड़के पर पड़ी। वह लड़का बड़ी हैरानी से महाराज के घोड़े और सैनिकों के हथियारों को देख रहा था। सैनिकों ने उस बालक को पकड़कर महाराज के सामने पेश किया।

बादशाह अकबर ने लड़के से पूछा, “ऐ लड़के। इनमें से कौन सा रास्ता आगरा जाता है?” यह बात सुनकर वह बच्चा जोर-जोर से हंसने लगा। यह देखकर राजा को बहुत गुस्सा आया। लेकिन, उन्होंने शांत भाव से उससे उसकी हंसी का कारण पूछा। लड़के ने जवाब दिया, “यह रास्ता चल नहीं सकता है, तो यह आगरा कैसे जाएगा। आगरा पहुंचने के लिए तो आपको खुद चलना पड़ेगा।”

महाराज उस लड़के की सूझबूझ को देख कर चकित रह गए। उन्होंने प्रसन्न होकर उस बच्चे का नाम पूछा। लड़के ने जवाब में अपना नाम महेश दास बताया। महाराज ने उसे इनाम में सोने की अंगूठी दी और दरबार में आने का न्योता दिया। इसके बाद बादशाह अकबर ने लड़के से पूछा, “क्या तुम मुझे बता सकते हो कि किस रास्ते पर चलने से मैं आगरा पहुंच पाऊंगा?” लड़के ने बड़ी ही शालीनता से सही रास्ता बताया और महाराज अपने सैनिकों के साथ आगरा की ओर चल पड़े।

यही लड़का बड़ा होकर बीरबल के नाम से प्रसिद्ध हुआ और बादशाह अकबर के नवरत्नों में से एक कहलाया।

Title: आगरा कौन सा रास्ता जाता है? || birbal akbar story


Nafrat nahi hai || sacha pyaar shayari

nafrat nahi hai tere ton
teri taa judai naal v saanu pyaar hai
nafrat tere ton nahi apne aap to haa
kyuki saanu teraa aaj v intzaar hai

ਨਫ਼ਰਤ ਨਹੀਂ ਹੈ ਤੇਰੇ ਤੋਂ
ਤੇਰੀਂ ਤਾਂ ਜੁਦਾਈ ਨਾਲ਼ ਵੀ ਸਾਨੂੰ ਪਿਆਰ ਹੈ
ਨਫ਼ਰਤ ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਨਹੀਂ ਆਪਣੇ ਆਪ ਤੋਂ ਹਾਂ
ਕਿਉਂਕਿ ਸਾਨੂੰ ਤੇਰਾਂ ਆਜ ਵੀ ਇੰਤਜ਼ਾਮ ਹੈ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ

Title: Nafrat nahi hai || sacha pyaar shayari