
Akh meri chain na paawe..!!
Bethi teriyan yaadan de vich
Sajjna teri jaan sharmawe..!!

सफाई वहां देना चाहिए
जहां उसे सुनने और समझने वाला एक खुला दिमाग हो ,
अगर किसी ने आपको गलत मान लिया है तो
उस पर सफाई देने का मतलब खुद को खुद की नजरों में गिरना है
तिश्नगी थी मुलाक़ात की,
उस से हाँ मैंने फिर बात की।
दुश्मनी मेरी अब मौत से,
ज़िंदगी हाथ पे हाथ की।
सादगी उसकी देखा हूँ मैं,
हाँ वो लड़की है देहात की।
तुमने वादा किया था कभी,
याद है बात वो रात की।
अब मैं कैसे कहूँ इश्क़ इसे,
बात जब आ गई ज़ात की।
मुझसे क्या दुश्मनी ऐ घटा,
क्यों मेरे घर पे बरसात की।
हमको मालिक ने जितना दिया,
सब ग़रीबों में ख़ैरात की।
तू कभी मिल तो मालूम हो,
क्या है औक़ात औक़ात की।